CAG Report on State Revenues: नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Cag) ने अपनी एक रिपोर्ट में राज्यों की वित्तीय स्थिति के बारे में अहम जानकारी साझा की है। कैग रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में देश के 16 राज्यों ने रेवेन्यू सरप्लस दर्ज किया। इन राज्यों में सबसे ऊपर उत्तर प्रदेश का नाम है। इसके बाद गुजरात और ओडिशा का नाम है। रिपोर्ट की गई अवधि के लिए उत्तर प्रदेश ने 37,263 करोड़ रुपये के राजस्व अधिशेष दर्ज किया।
12 राज्यों को हुआ घाटा
15वें वित्त आयोग की तरफ तय किए गए राजकोषीय दायित्व एवं वित्तीय समेकन मार्ग के तहत या तो शून्य राजस्व घाटे की स्थिति में होना था या फिर राजस्व अधिशेष में होना था। राज्यों की वित्तीय स्थिति पर जारी कैग की पहली रिपोर्ट में कहा गया कि, 2023 तक कुल 28 में से 16 राज्य राजस्व अधिशेष में थे जबकि 12 राज्य राजस्व घाटे की स्थिति में थे।
टॉप पर यूपी का नाम
उत्तर प्रदेश 37,263 करोड़ रुपये के रेवेन्यू सरप्स के साथ इस लिस्ट में टॉप पर है। इसके बाद गुजरात का रेवेन्यू सरप्लस 19,865 करोड़ रुपये, ओडिशा का 19,456 करोड़ रुपये, झारखंड का 13,564 करोड़ रुपये, कर्नाटक का 13,496 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ का 8,592 करोड़ रुपये, तेलंगाना का 5,944 करोड़ रुपये, उत्तराखंड का 5,310 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश का 4,091 करोड़ रुपये और गोवा का 2,399 करोड़ रुपये रहा।
इन राज्यों को हुआ घाटा
वहीं, राजस्व घाटे वाले 12 राज्यों का संयुक्त राजस्व घाटा 2,22,648 करोड़ रुपये था। वित्त आयोग ने इन राज्यों के घाटे की भरपाई के लिए वित्त वर्ष 2022-23 में 86,201 करोड़ रुपये का अनुदान दिया था जो कुल राजस्व घाटे का 39 प्रतिशत था। राजस्व घाटे की स्थिति में रहने वाले राज्य आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, मेघालय, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल थे।