Startups in India: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की स्टार्टअप इंडिया स्कीम ने कमाल दिखाया है। वर्ष 2025 में 44,000 से अधिक नई स्टार्टअप इकाइयों को मान्यता दी गई। इस तरह भारत में अब सरकारी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की संख्या दो लाख से अधिक हो गई है।
वाणिज्य मंत्री ने जताई स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या पर खुशी
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर 2025 का शानदार समापन- एक अभूतपूर्व उपलब्धि! शीर्षक एक पोस्ट में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ' इस वर्ष ही 44,000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता मिली। यह स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू होने के बाद से किसी एक वर्ष में सबसे बड़ी संख्या है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोयल के इस पोस्ट को रीपोस्ट किया।
करीब आधे स्टार्टअप्स में महिला डायरेक्टर या पार्टनर
गोयल ने कहा कि इस उपलब्धि को और खास बनाता है कि इन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से लगभग 48 प्रतिशत में कम से कम एक महिला निदेशक या साझेदार हैं। साथ ही, इन स्टार्टअप्स ने 21 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित किए हैं। उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के आह्वान को हमारे युवा उद्यमियों, नवोन्मेषकों और निवेशकों का मजबूत समर्थन मिला है। यह सफलता निम्नलिखित प्रयासों से संभव हुई है।
स्टार्टअप्स के लिए 775 करोड़ रुपये का लोन गारंटीड
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 1350 से अधिक स्टार्टअप इकाइयों में स्टार्टटप फंड और फंड्स के अंतर्गत वैकल्पिक निवेश कोषों ने 25,320 करोड़ रुपये से की पूंजी लगाई है। इसी तरह स्टार्टअप ऋण गारंटी योजना के तहत 775 करोड़ रुपये से अधिक की गारंटी स्वीकृत की गई है।
स्टार्टअप्स ने 16,400 नए पेटेंट किए दाखिल
गोयल ने बताया कि स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत इनक्यूबेटरों द्वारा 3,200 से अधिक स्टार्टअप आवेदन पर 585 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी की गई है। देश भर के स्टार्टअप ने अब तक 16,400 से अधिक नए पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं। इसी तरह 34,800 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का सरकारी ऑनलाइन मार्केट प्लैटफॉर्म जेम इंडिया पर जोड़ा गया है जिससे उन्हें प्रतिस्पर्धा और सफलता के लिए समान अवसर मिला है।
स्टार्टअप इंडिया स्कीम का कमाल
ध्यान रहे कि मोदी सरकार ने 16 जनवरी, 2016 को स्टार्टअप इंडिया स्कीम लॉन्च की थी, जिसका उद्देश्य नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। इस स्कीम ने रंग लाया और बीते 10-11 वर्षों में भारत में स्टार्टअप्स की संख्या सैकड़ों गुना बढ़ी है। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। अब देश में 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं जिनका बाजार मूल्य कम से कम 1 अरब डॉलर है।