Accenture में 12000 लोगों की नौकरी पर खतरा, AI बन रहा है काल

Accenture Layoff: दुनिया की कई कंपनियां अपने कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करने के लिए जोर रही हैं। इस बीच एक्सेंचर ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि अगर वे AI के दौर में खुद को नए कौशल में ढाल नहीं सकते, तो कंपनी छोड़ दें।

एडिटेड बाय Jitendra Singh
अपडेटेड26 Sep 2025, 04:03 PM IST
Accenture Layoff: एक्सेंचर में छंटनी की तैयारी चल रही है।
Accenture Layoff: एक्सेंचर में छंटनी की तैयारी चल रही है। (Livemint)

Accenture Layoff: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर दुनियाभर में चर्चा हो रही है। ज्यादातर कंपनियां अब AI के भरोसे काम करने की तैयारी में है। शायद यह वजह है कि आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियां एआई की वजह से बडे पैमाने पर छंटनी कर रही है। इसबीच मल्टीनेशनल प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी एक्सेंचर ने भी बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी की है। एक्सेंचर पीएलसी ने 86.5 करोड़ डॉलर की रीस्ट्रक्चरिंग योजना शुरू की है। इस योजना के तहत उन कर्मचारियों को बाहर करने का निर्णय लिया गया है, जिन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कामों के लिए दोबारा ट्रेनिंग नहीं दी जा सकती है।

The Logical Indian में छपी खबर के मुताबिक, कंपनी ने कहा है कि वो कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने की तैयारी कर रही है। इस साल अब तक करीब 12,000 कर्मचारी नौकरी छोड़ चुके हैं। कंपनी ने जोर देकर कहा कि इन कर्मचारियों को स्किल मिसमैच की वजह से निकाला गया है। कंपनी ने आधिकारिक बयान में अपस्कलिंग में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया है। अब नए कर्मचारियों की नियुक्तियां जनरेटिव AI और क्लाउंड सेवाओं के लिए की जाएंगी।

एक्सेंचर की रणनीति

एक्सेंचर की सीएफओ एंजी पार्क ने चेतावनी दी है कि वित्त वर्ष 2026 में इसके रेवेन्यू की रफ्तार पहले के अनुमान के मुकाबले कम रह सकती है। उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस एफिसिएंसी पर है और यह ऐसे निवेश को प्राथमिकता दे रही है, जिनसे ज्यादा रिटर्न मिले। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या में करीब 7,000 की गिरावट आई। मौजूदा समय में कंपनी के पास करीब 7.70 लाख कर्मचारी है। कंपनी का फिलहाल रीस्किलिंग प्रोग्राम जारी रहेगा और सर्विस क्वालिटी बनाए रखने के लिए प्रॉयोरिटी वाले एरिया में हायरिंग जारी रहेगी।

यह भी पढ़ें | रिलायंस कंज्यूमर ने सरकार के साथ की ₹40,000 करोड़ की डील

हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में अमेरिका और यूरोप में कर्मचारियों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी की उम्मीद जताई है। कंपनी अपने इस पूरे प्लान पर लगभग 865 मिलियन डॉलर खर्च कर रही है, जिसमें निकाले गए कर्मचारियों को दिए जाने वाले हर्जाने (सेवरेंस कॉस्ट) का एक बड़ा हिस्सा शामिल है। कंपनी यह सब इसलिए कर रही है ताकि वह अपना मुनाफा बढ़ा सके और AI की इस नई दौड़ में सबसे आगे बनी रहे।

यह भी पढ़ें | पहली बार भारत में एयरबस की बोर्ड मीटिंग, विमानों का मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा देश

TCS ने किया था छंटनी का ऐलान

इससे पहले टीसीएस ने एआई के बढ़ते चलन और सुस्त मांग पर 12,000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया था। TCS के CEO ने इस फैसले को 'अपने करियर के सबसे कठिन फैसलों में से एक बताया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि यह छंटनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या लागत में कटौती के कारण नहीं हो रही है, बल्कि कंपनी को भविष्य के लिए तैयार और अधिक फ्लैक्सिबल बनाने के लिए एक स्ट्रैटेजिक कदम है। उनका कहना है कि नई तकनीकों, विशेष रूप से AI, और ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव के कारण काम करने के तरीके बदल रहे हैं।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़BusinessAccenture में 12000 लोगों की नौकरी पर खतरा, AI बन रहा है काल
More
बिजनेस न्यूज़BusinessAccenture में 12000 लोगों की नौकरी पर खतरा, AI बन रहा है काल