
Adani-Google Partnership: टेक्नलॉजी सेक्टर की दिग्गज कंपनी गूगल ने अडानी ग्रुप के साथ मिलकर विशाखापट्टनम में देश का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर कैंपस बनाने की तैयारी की है। इस प्रोजेक्ट में गूगल अगले पांच साल में करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करेगा। यह प्रोजेक्ट AdaniConneX के जरिए बनायाजाएगा, जो अडानी एंटरप्राइजेज और EdgeConneX का संयुक्त उद्यम है।
इस बारे में अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि गूगल के साथ इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट में पार्टनरशिप कर अडानी ग्रुप गर्व महसूस कर रहा है। ये केवल इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश नहीं, बल्कि उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश है। विशाखापट्टनम अब प्रौद्योगिकी का वैश्विक केंद्र बन रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पहल को देश की तकनीकी शक्ति को नई ऊंचाई देने वाला कदम बताया है।
Google AI Hub साल 2026 से लेकर 2030 के बीच आगामी 15 बिलियन डॉलर के निवेश का हिस्सा है। इसमें गीगावाट-स्तरीय डेटा सेंटर संचालन, सबसी केबल नेटवर्क और ग्रीन एनर्जी इकोसिस्टम शामिल होंगे, जिसका मकसद भारत में उच्च मांग वाले AI वर्कलोड्स का समर्थन करना है। गूगल इस प्रोजेक्ट में AdaniConneX और एयरटेल जैसे सहयोगियों के साथ काम करेगा। यह नया AI कैंपस गूगल की 'AI हब इंडिया' योजना का हिस्सा होगा और यहां पर बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर काम करेंगे।
ये डेटा सेंटर पूरी तरह से क्लीन और ग्रीन एनर्जी से चलेंगे। इसके साथ ही, न्यू इंटरनेशनल सबमरीन केबल्स भारत को सीधे गूगल के ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ेंगे। इसका मकसद गूगल की ताकतवर AI टेक्नोलॉजी और सर्विस को भारतीय बिजनेस और डेवलपर्स के करीब लाना है।
भारती एयरटेल विशाखापट्टनम में एक खास तरह का डेटा सेंटर और केबल लैंडिंग स्टेशन बनाएगी। इसके साथ ही, वह पूरे भारत में तेज और भरोसेमंद इंटरनेट के लिए एक मजबूत फाइबर नेटवर्क भी तैयार करेगी, जो शहरों के बीच कनेक्शन को बेहतर बनाएगा। वहीं, अडानी कॉनेक्स, जो अडानी एंटरप्राइजेज और एजकनेक्स की पार्टनरशिप है, इस बड़े AI डेटा सेंटर की फाउंडेशन तैयार करेगा। वे इसे क्लीन और ग्रीन एनर्जी से चलाने के लिए नई बिजली लाइनों और एनर्जी स्टोरेज की टेक्नोलॉजी में निवेश करेंगे। इसका मतलब है कि यह पूरा सिस्टम पर्यावरण के लिए अच्छा और टिकाऊ होगा। यह प्रोजेक्ट 2026 से 2030 के बीच पूरा किया जाएगा।
यह हब तकनीकी, निर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में हजारों नए रोजगार पैदा करेगा और देशभर में डिजिटल समावेशिता को बढ़ावा देगा। गूगल क्लाउड के सीईओ थॉमस कुरियन का कहना है कि Google AI Hub में निवेश से भारत की एआई क्षमता का पूरा लाभ उठाने में मदद मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि अडानी के साथ मिलकर हम अत्याधुनिक संसाधनों को ग्राहकों और समुदायों के करीब लाएंगे, ताकि वे वैश्विक स्तर पर नवाचार और सफलता हासिल कर सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐलान पर खुशी जताते हुए कहा,यह निवेश भारत के ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ पूरी तरह मेल खाता है और भारत को ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस एआई हब की शुरुआत के अवसर पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि इस हब के साथ-साथ लैंडिंग केबल की भी शुरुआत हुई है जो इस डेटा सेंटर को दुनिया भर के अन्य केंद्रों से जोड़ेगा।
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