एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत की आर्थिक मजबूती पर भरोसा जताते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी ग्रोथ अनुमान 70 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया है। एडीबी की एशियन डेवलपमेंट आउटलुक दिसंबर 2025 रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स में हालिया कटौती से घरेलू खपत को बड़ा सहारा मिला है। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में भारत की जीडीपी 8.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ी, जो छह तिमाहियों में सबसे तेज रही। कमजोर वैश्विक माहौल के बावजूद यह आंकड़ा भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुमान बरकरार
ADB ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ग्रोथ अनुमान 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी खपत मजबूत बनी हुई है, जबकि सरकारी खर्च अपेक्षाकृत सीमित रहा। जीएसटी दरों में कटौती और बजट में इनकम टैक्स राहत के चलते उपभोक्ता खर्च में उछाल देखा गया है। इसी वजह से IMF और Fitch Ratings जैसी अन्य वैश्विक संस्थाएं भी भारत की विकास दर को लेकर भरोसेमंद नजर आ रही हैं। Fitch ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अनुमान 6.9% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है।
महंगाई में गिरावट से राहत
ADB ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महंगाई का अनुमान भी घटाकर 2.6 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 3.1 प्रतिशत था। अक्टूबर में खुदरा महंगाई 0.3 प्रतिशत पर आ गई, जो 2012 के बाद सबसे कम स्तर है। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य कीमतों में लगातार गिरावट, बेहतर कृषि उत्पादन और अनुकूल मौसम ने महंगाई पर अंकुश लगाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में महंगाई के 4.2 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहने की उम्मीद जताई गई है, जो RBI के लक्ष्य के करीब है।
वैश्विक विकास की अगुवाई में भारत
ADB ने भारत के निर्यात को भी मजबूत बताया है, खासकर अमेरिका को स्मार्टफोन और फार्मास्यूटिकल्स जैसे टैरिफ-मुक्त उत्पादों की शिपमेंट से फायदा मिला है। भारत की तेज ग्रोथ के चलते एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के 2025 में 5.1 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जहां मंदी से जूझ रही हैं, वहीं भारत वैश्विक विकास की अगुवाई करता दिख रहा है।