Air India Fined: एयर इंडिया पर डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (Directorate General of Civil Aviation - DGCA) ने 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। एविएशन रेगुलेटर ने गंभीर उल्लंघन को लेकर यह कार्रवाई की है। साथ ही सिक्योरिटी में चूक के लिए DGCA ने एयर इंडिया के टॉप-लेवल मैनेजमेंट को जिम्मेदार भी ठहराया है। कंपनी के एयरबस A320 प्लेन ने जरूरी परिमशन के बिना उड़ान भरी और यात्रियों की जान को खतरे में डाला। ऐसा एक या 2 बार नहीं, बल्कि 8 बार किया गया है।
NDTV में छपी खबर के मुताबिक, एयर इंडिया बीते कुछ समय से एक ऐसे एयरक्राफ्ट को फ्लाइट्स के लिए ऑपरेट किया, जिसके पास वैध एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) नहीं था। यानी जरूरी सेफ्टी वेरिफिकेशन पूरी हुए बिना एयरक्राफ्ट पैसेंजर्स को लेकर उड़ान भरता रहा। इस घटना ने एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और एयरलाइन की इंटरनल मॉनिटरिंग सिस्टम पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ARC एक महत्वपूर्ण परमिट है जो रेगुलेटर की ओर से विमान के सुरक्षा और अनुपालन जांच पास करने के बाद सालाना जारी किया जाता है।
एयर इंडिया पर DGCA ने लगाया 1 करोड़ का जुर्माना
भारत के एविएशन वॉचडॉग यानी DGCA ने एयर इंडिया पर लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये (110,350 डॉलर) का जुर्माना लगाया है। यह मामला पिछले साल नवंबर का है। रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया के एक एयरबस A320 विमान ने 24 से 25 नवंबर के बीच दिल्ली, बेंगलुरु, मुंबई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों के बीच यात्रियों को लेकर उड़ान भरी। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान विमान के पास अनिवार्य ‘एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट’ (ARC) नहीं था।
DGCA ने अपनी जांच में एयरलाइन के अकाउंटेबल मैनेजर को इस गलती के लिए जिम्मेदार माना है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना गया है, क्योंकि एयरक्राफ्ट पहले टेक्निकल रीजन से ग्राउंडेड था। इंजन चेंज होने के बाद भी उसका एआरसी रिन्यू नहीं हुआ था।
जानिए क्या है ARC
एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट एक एनुअल डॉक्यूमेंट होता है, जो कंफर्म करता है कि एयरक्राफ्ट की मेंटेनेंस, फिजिकल कंडीशन और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पूरी तरह एविएशन रूल्स के अनुसार है। यह एयरक्राफ्ट के मेन सर्टिफिकेट ऑफ एयरवर्थनेस की वैलिडिटी को वैलिडेट करता है।