Air India: पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से भारत के विमान पाकिस्तान के एयरस्पेस से उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। इससे भारत के विमानों को लंबे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा एयर इंडिया को नुकसान हो रहा है। अन्य विमानन कंपनियों को भी तगड़ा चूना लग रहा है। इस बीच एयर इंडिया अब चीन के शिनजियांग इलाके के ऊपर से उड़ान भरने की इजाजत मांग रही है। कंपनी के एक दस्तावेज के मुताबिक एयर इंडिया चाहती है कि भारत सरकार चीन को मनाए ताकि वह शिनजियांग के संवेदनशील सैन्य हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल कर सके। इससे उड़ानों का समय कम हो जाएगा।
बता दें कि भारत और चीन के बीच पांच साल के लंबे अंतराल के बाद हाल में डायरेक्ट फ्लाइट शुरू हुई है। जून 2020 में सीमा पर हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें बंद कर दी गई थीं। दोनों देशों के बीच उड़ान सेवा शुरू होने के बाद ही एयर इंडिया ने यह मांग की है। गुजरात में एयर इंडिया की एक फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई थी। इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी। इस वजह से कंपनी को सुरक्षा जांच के लिए कुछ समय के लिए अपनी उड़ानें कम करनी पड़ी थीं।
एयर इंडिया की डिमांड
एयर इंडिया चाहती है कि भारत सरकार चीन के शिनजियांग के होटन, काश्गर और उरुमकी तक एयरलाइन की इमरजेंसी एक्सेस सुनिश्चित करें, जिससे अमेरिका, कनाडा और यूरोप के लिए उड़ान भरने में आसानी हो सके। इससे समय की बचत होगी और ईंधन भी कम लगेगा। जिससे वित्तीय संकट का सामना कर रही एयर इंडिया को लागत कम करने में मदद मिलेगी। कंपनी का कहना है कि एयर इंडिया का लंबी दूरी का नेटवर्क गंभीर परिचालन और वित्तीय दबाव में है। ऐसे में होटन रूट से उड़ान भरने की इजाजत मिलना एक रणनीतिक विकल्प साबित हो सकता है।
बेहद खतरनाक है यह रूट
एयर इंडिया चीन के शिनजियांग के जिस रूट की बात कर रहा है, वह दुनिया के कुछ सबसे ऊंचे पहाड़ों के बीच में है। इसकी ऊंचाई 20,000 फीट से भी ज्यादा है। ऐसे में डीकंप्रेसन से बचने के लिए कई इंटरनेशनल एयरलाइन इस रूट को इस्तेमाल करने से बचती हैं। यहां यात्रियों को सांस लेने में दिक्कतें आ सकती हैं, केबिन के खिड़की या दरवाजे अचानक से खुल सकते हैं। वहीं एयरक्राफ्ट को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
एयर इंडिया को हो रहा है नुकसान
पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से कंपनी को सालाना 455 मिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है, जो साल 2024-25 में हुए 439 मिलियन डॉलर के कथित नुकसान से ज्यादा है। कंपनी को हो रहे नुकसान की भरपाई करने के लिए एयर इंडिया ने अब सरकार से एक डिमांड की है।