Amazon Layoffs: अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक कंपनी एमेजॉन (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी कर सकती है। इससे यूरोप में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी आने वाले हफ्तों में लक्जमबर्ग में करीब 370 कर्मचारियों की छंटनी करने की तैयारी कर रही है। लक्जमबर्ग में इस समय एमेजॉन के करीब 4,370 कर्मचारी काम कर रहे हैं। इस प्रस्तावित छंटनी से वहां की कुल वर्कफोर्स का लगभग 8.5 फीसदी हिस्सा प्रभावित होगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, यह छंटनी एमेजॉन (Amazon) के वैश्विक स्तर पर 14,000 नौकरियां कम करने के प्लान का हिस्सा है, जिसकी घोषणा कंपनी ने अक्टूबर में की थी। कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर ज्यादा निवेश कर रही है। लिहाजा खर्च कम करने और कंपनी की वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है।
470 से 370 कर्मचारियों की छंटनी
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले 20 वर्षों में लक्जमबर्ग में एमेजॉन की यह सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है, जिससे स्थानीय श्रम बाजार में भी हलचल मच गई है। हालांकि, यूरोपीय श्रम कानूनों के तहत बड़े पैमाने पर छंटनी से पहले कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत एमेजॉन ने करीब दो हफ्तों तक सलाह-मशविरा किया, जिसके बाद छंटनी की संख्या को पहले प्रस्तावित 470 से घटाकर 370 किया गया। कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार, ज्यादातर प्रभावित कर्मचारियों को फरवरी तक औपचारिक नोटिस दिए जा सकते हैं।
क्या है यूरोप में छंटनी की तरीका
हालांकि, इस पूरे मामले पर अब तक लक्जमबर्ग के श्रम मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस फैसले ने विशेष रूप से विदेशी कर्मचारियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, क्योंकि लक्जमबर्ग में एमेजॉनके साथ अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया, मिस्र और ट्यूनीशिया समेत कई देशों के प्रोफेशनल्स काम कर रहे हैं, जो अब अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता महसूस कर रहे हैं।