Amazon layoffs: अमेरिका की दिग्गज ई-कॉमर्स और टेक कंपनी एमेजॉन (Amazon) ने एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी कर सकती है। इससे यूरोप में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल बन गया है। कंपनी ने 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की ऐलान किया है। पिछले 4 महीने में कंपनी की ओर से छंटनी का यह दूसरा दौर है। इससे पहले, एमेजॉन ने घोषणा की थी कि वह 14,000 नौकरियां कम कर रही है, जिससे अक्टूबर 2025 से अब तक कुल 30,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारी की गई है।
माना जा रहा है कि यह कदम एक बड़े रीस्ट्रक्चरिंग अभियान का हिस्सा होगा, जिसके तहत 2026 के मध्य तक कंपनी लगभग 30,000 कॉर्पोरेट भूमिकाओं को खत्म कर देगी। इस बार की छंटनी का असर ज्यादा बड़े भौगोलिक क्षेत्रों पर पड़ सकता है है, जिसमें भारतीय टीमों पर पहले से ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। कंपनी का कहना है कि यह कदम मैनेजमेंट लेयर घटाने और बढ़ती AI प्रतिस्पर्धा के बीच संसाधनों को सही जगह पर लगाने के लिए उठाया गया है।
कर्मचारियों को 90 दिन का मिलेगा समय
एमेजॉन ने बताया कि अमेरिका में काम करने वाले प्रभावित कर्मचारियों को 90 दिन का समय दिया जाएगा। इस दौरान वे कंपनी के अंदर नई भूमिका तलाश सकते हैं। साथ ही उन्हें छंटनी पैकेज यानी मुआवजा और ट्रांसमिशन सपोर्ट दिया जाएगा। यह जानकारी सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (मानव संसाधन अनुभव और प्रौद्योगिकी) बेथ गैलेटी ने अपने ब्लॉग पोस्ट में दी है। हालांकि, यह साफ़ नहीं है कि यही फायदे दूसरे देशों में प्रभावित कर्मचारियों को भी दिए जा रहे हैं या नहीं। इस नई छंटनी से भारत में एमेजॉन (Amazon) की टीमों के बीच चिंता बढ़ सकती है। वहीं अमेरिका और UK के कर्मचारी भी प्रभावित हो सकते हैं।
किस विभाग पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, इस छंटनी से एमेजॉन के कई विभागों पर असर पड़ सकता है। इसमें टेक सर्विस से लेकर इसके रिटेल बिजनेस तक शामिल हैं। वहीं एमेजॉन वेब सर्विसेज (AWS) और एमेजॉन प्राइम सहित प्रमुख बिजनेस यूनिट्स के प्रभावित होने की उम्मीद जताई गई है। इसके अलावा, कंपनी की प्रोसर्व कंसल्टिंग टीम में भी कटौती होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अभी तक हर डिपार्टमेंट में कितनी नौकरियों में कटौती होगी, यह पता नहीं चल पाया है। लेकिन बिजनेस इनसाइडर ने बताया कि कई प्रभावित कर्मचारियों ने एमेजॉन के एक इंटरनल स्लैक चैनल पर नौकरी की तलाश में पोस्ट किया था और वे सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग रोल में थे, जिससे पता चलता है कि टेक जॉब्स पर बड़ी गाज गिर सकती है।
AI और ऑटोमेशन पर फोकस
बता दें कि सीईओ एंडी जेसी (Andy Jassy) ने कई बार कहा है कि महामारी के दौरान तेजी से विस्तार के बाद कंपनी को अपने मैनेजमेंट लेयर को आसान बनाने की जरूरत थी। उन्होंने पिछले साल कर्मचारियों से कहा था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के व्यापक उपयोग से समय के साथ कॉर्पोरेट वर्कफोर्स का आकार कम हो जाएगा, क्योंकि ज्यादा काम ऑटोमेटेड हो जाएंगे।