Indian Economy: पूरी दुनिया में छाई मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊंची छलांग, अब नजर 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर

भारत की जीडीपी 8.2 प्रतिशत की रफ्तार से आगे बढ़ रही है, जिसके बाद हमारी अर्थव्यवस्था अब पांच ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की तरफ तेजी से बढ़ रही है। भारतीय इकोनॉमी की इस रफ्तार को देखते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने विकास दर का अनुमान एक बार फिर बढ़ा दिया है।

Rajkumar Singh
अपडेटेड1 Dec 2025, 03:17 PM IST
अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार
अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार(HT)

एक तरफ अमेरिका, चीन, जापान जर्मनी जैसे देशों देशों में आर्थिक मंदी का दौर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था ऊंची छलांग लगा रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था के आए ताजा आंकड़ों में भारत की जीडीपी 8.2 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है। जिसके बाद SBI ने एक बार फिर भारत के विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है और अब भारतीय इकोनॉमी पांच ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है।

भारत की अर्थव्यवस्था सुपरफास्ट

भारतीय अर्थव्यवस्था रफ्तार के घोड़े पर सवार हो चुकी है, वो भी ऐसे समय में जब दुनिया के तमाम बड़ी-बड़ी अर्थव्यवस्था वाले विकसित देश मंदी की मार से जूझ रहे हैं। दुनिया पर छाई मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। जिसे देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक ने विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है। SBI ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान 7.5 से बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया है। SBI के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांति घोष ने एक रिपोर्ट में कहा है कि दिसंबर तिमाही में जीडीपी वृद्धि 7.5 से 7.7 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है और मार्च तिमाही में ये 7 प्रतिशत रह सकती है।

यह भी पढ़ें | रोजाना 100 रुपये बचाएं, बन जाएंगे करोड़पति

उम्मीद से ज्यादा आर्थिक विकास दर

पिछली बार RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारतीय विकास दर के 7 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया था। लेकिन जब आंकड़े आए तो RBI के अनुमान से 1.2 प्रतिशत ज्यादा की दर से भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अर्थव्यवस्था के जानकारों का मानना ​​है कि दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है। इनकी दलील है कि पहली छमाही में निर्यात में हुई वृद्धि, जो अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए की गई थी, अब उस स्तर पर नहीं रहेगी।

अर्थव्यवस्था के जानकारों की अलग राय

एक तरफ SBI ने मौजूदा पूरे वित्तवर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की बढ़ोतरी का अनुमान बढ़ाया है वहीं आर्थिक मामलों के कुछ जानकारों ने विकास दर की रफ्तर कुछ कम होने का अंदेशा जताया है। आर्थिक मामलों के जानकारों ने पूरे वित्तीय वर्ष में भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार 6.8 से 7 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ने का अनुमान जताया है। गौरतलब है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की समान अवधि में अर्थव्यवस्था में 5.6 प्रतिशत की दर से वृद्धि देखने को मिली थी। जबकि साल 2025-26 में ये 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी देखने को मिली है।

यह भी पढ़ें | Stock to Buy: 6 महीने में 23% चढ़ सकता है ये PSU मल्टीबैगर स्टॉक

5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर नजर

SBI के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्यकांति घोष ने एक रिपोर्ट में कहा है कि जीडीपी मार्च 2026 तक 4 ट्रिलियन डॉलर के निशान को पार कर सकती है। जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 तक इसके 4.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। वहीं साल 2029 तक भारतीय अर्थव्यवस्था के 5 ट्रिलियन को पार कर सकती है।

मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर दमदार

भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूती से आगे बढ़ने में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन ने अहम भूमिका निभाई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 9.1 तो सर्विस सेक्टर ने 9.2 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी दर्ज की है। अर्थव्यवस्था के जानकारों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था का दमदार घरेलू बाजार मजबूत कड़ी है। यही वजह है कि अमेरिका के टैरिफ लगाए जाने के बाद निर्यात में कमी आने के बावजूद विकास दर की रफ्तार बढ़ती जा रही है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़BusinessIndian Economy: पूरी दुनिया में छाई मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊंची छलांग, अब नजर 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर
More
बिजनेस न्यूज़BusinessIndian Economy: पूरी दुनिया में छाई मंदी के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की ऊंची छलांग, अब नजर 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी पर