Apple Layoffs 2025: साल 2025 में भी दुनिया भर में छंटनी की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। इस साल अब तक कई नामी कंपनियां अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं। अब उनमें टेक जगत की दिग्गज और दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में एक एप्पल का नाम भी जुड़ गया है। ब्लूमबर्ग में छपी खबर के मुताबिक, iPhone बनाने वाली कंपनी Apple Inc. ने अमेरिका में दर्जनों सेल्स वर्कर्स को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। कंपनी ने कहा कि यह कटौती ऐसे समय में की गई है, जब वह बिज़नेस, सरकारों और स्कूलों को प्रोडक्ट देने के तरीके को रिव्यू और बेहतर बनाना चाहती है।
ब्लूमबर्ग से बातचीत करते हुए एप्पल के एक प्रवक्ता ने जॉब कट की पुष्टि की है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि कंपनी अपने सेल्स डिवीज़न में “फेरबदल” कर रही है, लेकिन उन्होंने इस मामले में कुछ खास जानकारी नहीं दी है। प्रवक्ता ने आगे कहा कि ज्यादा कस्टमर्स से जोड़ने के लिए, हम अपनी सेल्स टीम में कुछ बदलाव कर रहे हैं, जिससे कुछ रोल्स पर असर पड़ेगा। हम हायरिंग जारी रखे हुए हैं, और वे कर्मचारी नए रोल्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं।
कंपनी ने दी छंटनी की जानकारी
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि कुछ हफ़्ते पहले ही एप्पल ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में अपनी सेल्स टीम से करीब 20 रोल भी कम कर दिए थे। कंपनी में दर्जनों सेल्स कर्मचारियों की छंटनी की गई है। कुछ टीमों पर ज्यादा असर पड़ा है। ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मैनेजमेंट ने पिछले कुछ हफ़्तों में प्रभावित कर्मचारियों को जानकारी दे दी थी। जिन लोगों पर असर पड़ा है, उनमें स्कूल, सरकारी एजेंसी और बड़े बिज़नेस में काम करने वाले अकाउंट मैनेजर और Apple के ब्रीफिंग सेंटर के कर्मचारी शामिल हैं। ये वो कर्मचारी हैं जो बड़े कस्टमर के लिए इंस्टीट्यूशनल मीटिंग और प्रोडक्ट डेमोंस्ट्रेशन के लिए काम करते थे।
एप्पल की बंपर कमाई
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस जॉब कट से कई ऐसे कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं जो 20-30 सालों से कंपनी का हिस्सा थे। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि सरकारी एजेंसियों के साथ काम कर रही सेल्स टीम भी निशाने पर थी। इस टीम के कर्मचारी अमेरिका सरकार के शटडाउन के कारण प्रभावित हुए हैं। एप्पल कंपनी ने रिकॉर्ड हाई रेवेन्यू हासिल किया है। कई सफल प्रोडक्ट लॉन्च किए हैं। इसके बावजूद कंपनी ने छंटनी कर दी है। दिसंबर तिमाही में कंपनी की कमाई करीब 140 अरब डॉलर हो सकती है।