BBC Layoffs: ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (BBC) में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी चल रही है। कंपनी अपने खर्चों में कटौती करने के लिए लगभग 2,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगी। पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय में बीबीसी की ओर से की जाने वाली यह सबसे बड़ी छंटनी है। इस फैसले के साथ बीबीसी का लक्ष्य अगले दो वर्षों में अपने वार्षिक बजट का 10% जो 500 मिलियन पाउंड यानी करीब 5300 करोड़ रुपये बचाना है।
एपी न्यूज एजेंसी के अनुसार यह फैसला, पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय में की गई सबसे बड़ी छंटनी है। कंपनी के तरिम डायरेक्टर-जनरल रोडरी टालफान डेविस ने कर्मचारियों को भेजे गए एक ईमेल में कहा है कि हम इस चुनौती के बारे में खुलकर बात करना चाहते हैं। ये कटौतियां बढ़ती महंगाई, लाइसेंस फीस पर वित्तीय दबाव, कम होती कमर्शियल आय और जारी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण हुई हैं।
वित्तीय दबाव में है बीबीसी
BBC ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि उसे "काफी वित्तीय दबाव" का सामना करना पड़ रहा है और वह 2029 तक अपने बजट में लगभग दसवें हिस्से की कटौती करना चाहता है। इन कटौतियों का बड़ा हिस्सा 1 अप्रैल, 2027 से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वर्ष में किया जाएगा। लागत में कटौती का यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अगले महीने Google के पूर्व एग्जीक्यूटिव मैट ब्रिटिन डायरेक्टर-जनरल का पद संभालने वाले हैं।
ब्रिटिन टिम डेवी की जगह लेंगे। बीबीसी पर डोनाल्ड ट्रंप का 10 अरब डॉलर का मुकदमा भी है। दरअसल, ट्रंप का आरोप है कि बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री Trump- A Second Chance में उनके 6 जनवरी, 2021 के एक भाषण को इस तरह से एडिट किया गया है, जिसे देखकर ऐसा लगेगा कि ट्रंप अपने समर्थकों को हिंसा के लिए भड़का रहे हैं।
फंडिंग मॉडल पर उठते सवाल
ब्रिटेन में बीबीसी को चलाने के लिए हर घर को सालाना 180 पाउंड यानी $244 की लाइसेंस फीस देनी होती है। प्रतिद्वंद्वी ब्रॉडकास्टर्स और फीस के विरोधी इस मॉडल पर सवाल उठा रहे हैं, क्योंकि डिजिटल दौर में अब लोग पारंपरिक टीवी कम देखते हैं। ब्रिटेन की लेबर सरकार ने बीबीसी के लिए 'स्थायी और उचित' फंडिंग सुनिश्चित करने का वादा किया है, लेकिन लाइसेंस फीस की जगह किसी और मॉडल पर भी विचार किया जा सकता है।
मीडिया इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
आज के समय में Netflix, YouTube और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव के कारण पारंपरिक मीडिया कंपनियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। BBC जैसे सार्वजनिक प्रसारण संस्थानों को अब न सिर्फ दर्शकों को बनाए रखना है, बल्कि बदलते उपभोग पैटर्न के अनुसार खुद को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी मजबूत करना है। यही कारण है कि कंपनी अपने खर्चों को कम करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की दिशा में कदम उठा रही है।
कर्मचारियों और इंडस्ट्री पर असर
इतनी बड़ी संख्या में छंटनी का असर न सिर्फ कर्मचारियों पर पड़ेगा, बल्कि पूरे मीडिया सेक्टर पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में मीडिया कंपनियां लागत घटाने और डिजिटल ट्रांजिशन पर ज्यादा ध्यान देंगी।
1922 में की गई थी BBC की स्थापना
BBC की स्थापना 1922 में एक रेडियो ब्रॉडकास्टर के तौर पर की गई थी, जिसका मकसद जानकारी देना, शिक्षित करना और मनोरंजन करना था। आज, यह UK में 15 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय टेलीविजन चैनल, कई अंतरराष्ट्रीय चैनल, 10 राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन और कई स्थानीय रेडियो सेवाएं चलाता है। यह दुनिया भर में BBC World Service और BBC iPlayer स्ट्रीमिंग सेवा सहित कई तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म भी चलाता है।