केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026‑27 पेश करते हुए किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट है और तीसरा कार्यकाल में तीसरा बजट भी। इस बार का बजट खास तौर पर किसानों को सशक्त बनाने, उन्हें नई तकनीक से जोड़ने और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने पर जोर देता है। वित्त मंत्री ने बजट भाषण में किसानों के लिए ‘भारत विस्तार’ नाम से एक नई पहल का खुलासा किया, जिसे कृषि क्षेत्र में डिजिटल क्रांति के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है ‘भारत विस्तार’
‘भारत विस्तार’ एक बहुभाषी AI सिस्टम होगा, जो किसानों को खेती से जुड़ी सारी जरूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इसमें एग्री-स्टैक पोर्टल्स और ICAR द्वारा तैयार की गई कृषि प्रैक्टिस की जानकारी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ जोड़ा जाएगा। इसका मकसद है कि किसान सही समय पर सही जानकारी प्राप्त करें, ताकि उनकी पैदावार बढ़े और कृषि प्रबंधन अधिक स्मार्ट और तकनीकी रूप से मजबूत बने। इस पहल से किसानों को सिर्फ खेती की तकनीक नहीं बल्कि बाजार की जानकारी, बीज और उर्वरक से जुड़ी सलाह भी मिल सकेगी।
नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी
बजट में किसानों के लिए अलग-अलग प्रोग्राम्स और स्कीम्स भी पेश की गई हैं। वित्त मंत्री ने बताया कि नारियल उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी। इसके तहत पुराने और बेकार पेड़ों की जगह नई किस्म के पौधे लगाए जाएंगे, जिससे उत्पादन और उत्पादकता दोनों में सुधार हो। इसके अलावा, काजू और कोको के लिए विशेष प्रोग्राम की योजना है, जिससे भारत इन उत्पादों में आत्मनिर्भर बने, निर्यात प्रतिस्पर्धा बढ़े और 2030 तक भारतीय काजू और कोको को ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित किया जा सके।
क्या है विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बजट किसानों के लिए तकनीकी और आर्थिक दोनों तरह से लाभकारी साबित होगा। ‘भारत विस्तार’ जैसी पहल से किसान अब खेती से जुड़े हर सवाल का हल अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर पा सकेंगे। वहीं नारियल, काजू और कोको के नए प्रोग्राम से न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर भी खुलेंगे। कुल मिलाकर, बजट 2026‑27 किसानों को आधुनिक खेती, डिजिटल साधनों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का सशक्त रोडमैप पेश करता है।