GDP Growth Forecast: चालू वित्त वर्ष में GDP 7.5% की रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यव्था, CareEdge ने लगाया अनुमान

GDP Growth Forecast: घरेलू रेटिंग एजेंसी केयरएज ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में 7.5 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। 

Shivam Shukla( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
अपडेटेड17 Dec 2025, 05:38 PM IST
GDP Growth Forecast
GDP Growth Forecast

India GDP Growth Forecast: देश की GDP ग्रोथ को लेकर एक बार फिर भविष्यवाणी सामनी आई है। डोमैस्टिक रेटिंग एजेंसी केयरएज ने बुधवार को एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि देश की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.5 प्रतिशत रह सकती है, जबकि अगले वित्त वर्ष में इसके कुछ नरम होकर 7 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, हाल में 91 रुपये प्रति डॉलर के निचले स्तर तक फिसल चुका रुपया आगे चलकर मजबूत हो सकता है। इसने वित्त वर्ष 2026-27 में रुपये के 89-90 रुपये प्रति डॉलर के दायरे में रहने का अनुमान जताया है।

इकोनॉमिक आउटलुक

केयरएज रेटिंग्स की चीफ इकोनॉमिस्ट रजनी सिन्हा ने कहा, 'वित्त वर्ष 2026-27 की तरफ कदम बढ़ाते समय भारत का बड़ा इकोनॉमिक आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। बाहरी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष में करीब सात प्रतिशत की स्वस्थ वृद्धि दर्ज करने में सक्षम रहेगी।' उन्होंने आगे कहा कि मुद्रास्फीति के नियंत्रण में रहने, ब्याज दरों में नरमी आने और टैक्स बोझ में कमी जैसे फैक्टर इकोनॉमी ग्रोथ को सपोर्ट करेंगे। इसके अलावा, संभावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील भी वृद्धि को और रफ्तार दे सकती है।

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ये फैक्टर्स निभाएंगे अहम भूमिका

एजेंसी ने कहा कि कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकिल में शुरुआती स्तर पर सुधार के संकेत दिखने लगे हैं, जिसका प्रमाण पूंजीगत वस्तु कंपनियों के ऑर्डर बुक में मजबूत वृद्धि से मिलता है। साथ ही, सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में हुई बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि विदेशी निवेशक भारत की वृद्धि संभावनाओं पर भरोसा जता रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि लेबर कोड जैसे नए सुधार घरेलू और वैश्विक निवेशकों का विश्वास और मजबूत करेंगे।

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मौजूदा वित्त साल की दूसरी छमाही के लिए ये अनुमान

हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में एक्सपोर्ट में एडवांस ऑर्डरों का असर कम होने और त्योहारों के बाद कंजप्शन के सामान्य होने से वृद्धि दर कुछ धीमी होकर 7 प्रतिशत रह सकती है। इसके बावजूद पूरे वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि 7.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में वस्तु निर्यात में करीब एक प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। इसके पीछे टैरिफ वृद्धि के कारण अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट में आई कमी है।

केयरएज के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में चालू खाते का घाटा एक प्रतिशत के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं, केंद्र सरकार राजकोषीय घाटे के 4.4 प्रतिशत के लक्ष्य को हासिल कर लेगी जबकि अगले वित्त वर्ष में इसमें 0.2 प्रतिशत की और कटौती की जा सकती है।

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