Central Bank Gold Statistics: आमतौर पर सोने की खरीदारी में लोगों की दिलचस्पी ज्यादा रहती है। दुनिया के केंद्रीय बैंक भी जमकर सोने की खरीदारी करते हैं। इस लिस्ट में भारत का रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी शामिल है। इसबीच एक ऐसी रिपोर्ट आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के केंद्रीय बैंकों की ओर से जनवरी महीने में सोने की खरीदारी में गिरावट आई है। पिछले 12 महीनों में औसतन हर महीने करीब 27 टन सोना खरीदा जा रहा था, वहीं जनवरी में यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 5 टन रह गया।
जानकारों का कहन है कि सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव और कुछ मौसमी कारणों की वजह से केंद्रीय बैंकों ने इस बार खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं। सोने खरीदारी की यह मंदी जियो पॉलिटिकल अनिश्चितता के बावजूद आई है। वैसे भी लोग सोना को सुरक्षित संपत्ति मानते हैं। हालांकि यहां आंकड़े उम्मीद से अलग नजर आए हैं।
सेंट्रल बैंक ऑफ़ उज़्बेकिस्तान ने कितना खरीदा सोना?
अन्य केंद्रीय बैंकों के मुकाबले सेंट्रल बैंक ऑफ उज्बेकिस्तान ने सबसे ज्यादा सोना खरीदा। उज्बेकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने 9 टन सोना खरीदा। ऐसे में इसका कुल सोना भंडार बढ़कर 399 टन हो गया। जनवरी महीने में उज्बेकिस्तान के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी 86 फीसदी तक पहुंच गई है, जबकि 2020 में यह सिर्फ 57 फीसदी थी। उज्बेकिस्तान के गोल्ड रिजर्व में इतनी बढ़ोतरी इसके पहले कभी नहीं हुई है।
बैंक नेगरा मलेशिया
मलेशिया के केंद्रीय बैंक ने साल 2018 के बाद पहली बार सोने के भंडार में बढ़ोतरी की है। बैंक नेगरा मलेशिया ने 3 टन सोना खरीदा। इसके साथ ही देश का कुल सोना भंडार बढ़कर 42 टन हो गया, जो उसके कुल भंडार का करीब 5 फीसदी है।
चीन के केंद्रीय बैंक ने कितना खरीदा सोना?
चीन के केंद्रीय बैंक ने जनवरी में 1 टन सोना खरीदा। इसके साथ ही चीन ने लगातार 15वें महीने सोना खरीदने का सिलसिला जारी रखा। अब चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगभग 10% के करीब पहुंच गई है।
बैंक ऑफ रशिया
रूस का केंद्रीय बैंक इस दौरान सबसे बड़ा विक्रेता रहा। रूस के केंद्रीय बैंक ने अपने भंडार से 9 टन सोना बेच दिया। इसके अलावा बुल्गारिया ने यूरो अपनाने के बाद 2 टन सोना यूरोपीय सेंट्रल बैंक को ट्रांसफर कर दिया।
बैंक ऑफ़ कोरिया
बैंक ऑफ़ कोरिया (BOK) ने Q1 2026 से अपने फॉरेन रिज़र्व पोर्टफोलियो में ओवरसीज़-लिस्टेड फिजिकल गोल्ड ETFs को शामिल करने के प्लान की घोषणा की है, जो 2013 के बाद उसका पहला गोल्ड-रिलेटेड इन्वेस्टमेंट है। BOK के पास अभी 104 टन फिजिकल गोल्ड है। यह उसके कुल रिज़र्व का लगभग 4 फीसदी है।
केडिया एडवाइजरी की राय
बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक, केडिया एडवाइजरी का कहना है कि आने वाले समय में डॉलर के मुकाबले रुपये दबाव में बन रह सकता है। USD/INR का स्तर 94.20 तक पहुंच सकता है। जानकारों का कहना है कि मजबूत डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका-भारत के ब्याज दरों का अंतर रुपये पर दबाव बनाए रख सकता है। हालांकि आरबीआई के दखल से बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव को सीमित किया जा सकता है।