अमेरिका के ट्रंप टैरिफ से जिस तरह भारत परेशान है कुछ ऐसा ही हाल चीन का भी है। भारत और चीन पर अमेरिका ने 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया है। जिससे दोनों देनों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। इससे निपटने के लिए पड़ोसी देश की तरफ से शुरू हुए भारत-चीन व्यापार के नए दौर ने असर दिखाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका ने चीन हमारा बड़ा ट्रेड पार्टनर
वित्त वर्ष 2026 में लगातार 7 महीने तक चीन को भारत का निर्यात बढ़ा है। इससे नई दिल्ली को अमेरिका के टैरिफ के झटके को कम करने में मदद मिली है। इस वित्तीय वर्ष के पहले 7 महीनों में चीन को भारत के सामान का निर्यात हर महीने बढ़ा और अक्टूबर में रिकॉर्ड 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ अपने शिखर पर पहुंच गया। इससे भारत को अमेरिका के कड़े टैरिफ से हुए नुकसान को कुछ हद तक नरम करने में मदद मिली।
चीन को निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर
जब अमेरिका पूरी दुनिया के साथ अपनी शर्तों पर व्यापार करने के लिए दबाव बना रहा था और भारत को भी ट्रंप ने भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, उसी वक्त भारत ने अपनी व्यापारिक रणनीति बदलना शुरू कर दिया था। जिसका असर अब चीन और भारत के बीच व्यापार में देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही यानी अप्रैल-सितंबर में चीन को भारत का निर्यात पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 22 प्रतिशत बढ़ा है।
चीन को बढ़े निर्यात से बढ़ा उत्पादन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ चीन पर भी भारी-भरकम टैरिफ लगाया है, वो अपनी शर्तों पर चीन और भारत के साथ व्यापार समझौता करना चाहते हैं। इसका अंदेशा भारत के साथ चीन ने भी पहले ही लगा लिया था, उसी वक्त चीन ने भारत के साथ नए सिरे से व्यापार को विस्तार देने का प्रस्ताव दिया था। चीन के साथ व्यापार के मोर्च पर भारत को होने वाली भारी व्यापारिक घाटे की भरपाई का भी भरोसा दिया था। जिसके बाद अमेरिका को दरकिनार कर दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू किया गया जिसका असर हमारे उत्पादन पर भी देखने को मिल रहा है। हमारे पेट्रोलियम उत्पाद, टेलीफोन के पार्ट्स, झींगे और एल्युमीनियम जैसे Value Added उत्पादों के निर्यात में बढ़ोतरी हुई है।
भारत-चीन व्यापार पर जानकारों की राय
भारत और चीन के बीच शुरू हुए नए व्यापार के दौर को लेकर जानकारों का कहना है कि दोनों देशों ने अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए जो कदम उठाए हैं वो कारगर साबित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यातकों ने अमेरिका में भारी टैरिफ लगने के बाद अपने व्यापार के रास्तों में भी बदलाव आया है, जिसके कारण चीन में भारतीय सामान की डिमांड बढ़ी है।
भारत से चीन को नए उत्पादों का निर्यात
भारत और चीन के बीच शुरु हुए नए व्यापारिक रिश्ते ने ना सिर्फ भारतीय व्यापार घाटा को कम करने में मदद की है बल्कि उन सामानों का भी निर्यात किया जा रहा है जिसे अभी तक चीन को सप्लाई नहीं की जा रही थी। भारत ने चीन को ऑर्गेनिक लाइट-एमिटिंग डायोड यानी OLED जैसे नए उत्पादों का निर्यात भी शुरू किया है, जो भारत के निर्यात बास्केट में विविधता को दर्शाता है।
अगस्त में चीन ने अमेरिका को पछाड़ा
अमेरिका ने 27 अगस्त को भारत से आयात होने वाले सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, उसी वक्त से भारत और चीन के बीच व्यापार का नया दौर शुरू हो गया था। चीन ने भारत से व्यापार के मामले में अगस्त 2025 में ही अमेरिका पर बढ़त बना ली थी और वो भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझीदार बन गया था।