Coal Lignite Exploration: केंद्र सरकार ने कोयला और लिग्राइट ब्लॉक के खोज प्रक्रिया और भूवैज्ञानिक रिपोर्ट के लिए अप्रूवल प्रकिया के लिए फास्ट ट्रैक मंजूरी की शुरुआत की। सरकार के इस कदम का मकसद कारोबार को आसाना बनाना और कुशल एवं टिकाऊ खोज को बढ़ावा देना है। नई प्रक्रिया में अब 2022 में इस उद्देश्य के लिए गठित सरकारी समिति से मंजूरी की आवश्यकता नहीं है।
मंत्रालय ने बयान में कही ये बातें
कोयला मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, ‘कोयला मंत्रालय ने पहले की कार्यप्रणाली की समीक्षा की है। QCI-NABET की तरफ मान्यता प्राप्त और अन्य NPA की तरफ से समकक्ष समीक्षा प्राप्त अधिसूचित मान्यता प्राप्त अन्वेषण एजेंसियों (एपीए) द्वारा तैयार कोयला एवं लिग्नाइट ब्लॉक के लिए अन्वेषण कार्यक्रमों व भूवैज्ञानिक रिपोर्ट (जीआर) के अनुमोदन के लिए तंत्र को सरल बनाया है।’देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के लिए कोयला एवं लिग्नाइट संसाधनों का तेज, अधिक कुशल और प्रौद्योगिकी रूप से मजबूत अन्वेषण जरूरी है।
प्राइवेट कंपनियां भी ले सकेंगी हिस्सा
इसके अनुरूप, कोयला मंत्रालय प्रगतिशील सुधारों को लागू करना जारी रखे हुए है। यह पारदर्शिता को बढ़ाते हैं, प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को मजबूत करते हैं। इसके साथ ही देश की ऊर्जा तैयारियों को सुदृढ़ करते हैं। हाल ही में निजी मान्यता प्राप्त एक्सप्लोरेसं एजेंसियों की क्षमताओं का विस्तार और इस्तेमाल करके किए गए सुधारों से सरकार ने निजी खोज संस्थाओं में मजबूत विश्वास दिखाया है।
यह दृष्टिकोण देश के कोयला संसाधनों के सतत विकास के लिए उनकी दक्षता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञता व नवाचार का इस्तेमाल करने का प्रयास करता है। साथ ही पारदर्शिता और हाई टेक्निकल स्टैंडर्ड का पालन सुनिश्चित करता है।