दिल्ली का प्रदूषण न केवल सेहत को नुकसान पहुंचा रहा है। बल्कि लोगों को नौकरी छोड़ने के लिए भी विवश कर रहा है। दिग्गज फार्मा कंपनी अकूम्स ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स के प्रेसिडेंट-फाइनेंस राजकुमार बाफना ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, बाफना ऐसा करने वाले न पहले हैं और न आखिरी। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक तेजी से बढ़ा है, जिसने सभी को चिंता में डाल दिया है।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, अकूम्स ड्रग्स के एक इंटरनल ईमेल से पता चला है कि राजकुमार बाफना 31 दिसंबर से अपने पद से हट जाएंगे। 27 दिसंबर को एक्सचेंज डॉक्यूमेंट के अनुसार, बाफना ने "अपने व्यक्तिगत कारणों" के कारण 3 दिसंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। राजकुमार बाफना ने अपने रेजिग्नेशन लेटर में कहा, "मैं आपको सूचित करना चाहता हूं कि दिल्ली में प्रदूषण के स्तर के कारण मैं वित्त अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे रहा हूं। कृपया मुझे जल्द से जल्द कार्यमुक्त करें।"
इस्तीफे पर कंपनी ने क्या कहा
कंपनी ने उनके फैसले पर खेद जताया है और कहा कि वे उन्हें रोकने में असमर्थ हैं। अकूम्स ड्रग्स एंड फार्मास्यूटिकल्स ने बयान में कहा, “हम उनके निर्णय पर खेद जताते हैं, लेकिन उन्हें मनाने में असमर्थ हैं।” दिल्ली में प्रदूषण का स्तर लगातार गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि लंबे समय तक जहरीली हवा में रहने से सेहत पर गंभीर असर पड़ता है। यही वजह है कि अब कॉर्पोरेट जगत के वरिष्ठ अधिकारी भी प्रभावित हो रहे हैं।
दिल्ली में प्रदूषण से लोगों की दिक्कतें बढ़ी
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ सप्ताह से खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। दिल्ली की हवा की क्वालिटी बहुत खराब और गंभीर कैटेगरी में रह रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें लोगों को हो रही हैं। अस्थमा और दूसरी सांस संबंधी मरीजों के लिए तो स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। राजधानी के बहुत से एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों में AQI की रीडिंग 400 से अधिक दर्ज की जा रही हैं। कई इलाकों में दिल्ली वासियों को धुंध के साथ स्मॉग की मार झेलनी पड़ रही हैं।