Delhi LPG new rule: दिल्ली में अब कमर्शियल गैस लेना पहले जैसा आसान नहीं रहेगा। दिल्ली सरकार ने अब गैस सप्लाई के नियमों में एक बड़ा बदलाव कर दिया है। अब सिर्फ पैसे देने से सिलेंडर नहीं मिलेगा, बल्कि आपको एक सरकारी शर्त भी पूरी करनी होगी। इसका सीधा असर होटल, ढाबा और छोटे-बड़े कारोबार पर पड़ने वाला है। आइए जानते हैं कि सरकार का यह नया फरमान क्या है।
कमर्शियल सिलेंडर के लिए पूरी करनी होगी ये शर्त
दिल्ली सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर नियम काफी सख्त कर दिए हैं। नए सरकारी आदेश के मुताबिक, अब उन इलाकों में कमर्शियल सिलेंडर सिर्फ उन्हीं व्यापारियों को मिलेगा, जिन्होंने PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया है। यानी अगर आपके इलाके में आईजीएल (IGL) की पाइपलाइन है, तो आपको सिलेंडर के भरोसे बैठने के बजाय पीएनजी के लिए अप्लाई करना ही होगा।
2 अप्रैल को बदला गया नियम
खाद्य, आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने 2 अप्रैल को अपनी पुरानी नीति में संशोधन किया है। इस नए नियम के तहत, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को एलपीजी सप्लाई तभी मिलेगी जब वे संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के पास रजिस्टर्ड होंगे और उन्होंने पीएनजी कनेक्शन के लिए एप्लीकेशन दी होगी।
जहां PNG नहीं है, वहां क्या होगा?
अगर आपकी दुकान या फैक्ट्री ऐसी जगह है जहां अभी तक पीएनजी का बुनियादी ढांचा तैयार नहीं हुआ है, तो भी आपको चुप नहीं बैठना है। सरकार का कहना है कि ऐसे इलाकों में ग्राहकों को एक आवेदन जमा करना होगा, जिसमें उन्हें यह बताना होगा कि जैसे ही पीएनजी उपलब्ध होगी, वे इसे अपना लेंगे। यह एक तरह का 'इरादा पत्र' (Letter of Intent) होगा।
कागजी कार्रवाई और वेरिफिकेशन
अब सिर्फ कहने से काम नहीं चलेगा। तेल कंपनियों (OMCs) को आदेश दिया गया है कि वे कम से कम एक बार ग्राहकों के दस्तावेजों की जांच जरूर करें। इसके अलावा, जो ग्राहक पीएनजी अपनाने की इच्छा जताएंगे, उनका रिकॉर्ड इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ साझा किया जाएगा ताकि आगे की कार्रवाई तेजी से हो सके।
इन नए नियमों का असर सीधे छोटे और बड़े व्यापारियों पर पड़ेगा। अब उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना होगा और धीरे-धीरे PNG की तरफ शिफ्ट होना पड़ेगा। कारोबारियों के लिए जरूरी है कि वे नए नियमों को समझें और समय रहते तैयारी कर लें, ताकि आगे कोई दिक्कत न हो।