Direct Tax Collections: देश के खजाने में टैक्स कलेक्शन से बड़ी आमदनी हुई है। डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में जोरदार उछाल देखने को मिला है। बजट से पहले ही सरकार की तिजोरी लबालब भर गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज़ (Central Board of Direct Taxes - CBDT) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8% बढ़कर जनवरी 2026 के मध्य तक ₹18.37 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी अवधि में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ₹16.88 लाख करोड़ था।
आधिकारिक डेटा के मुताबिक, डेटा से यह भी पता चला कि ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 4.14% बढ़कर ₹21.49 लाख करोड़ हो गया, जबकि पहले यह ₹20.64 लाख करोड़ था। खास बात तो ये है कि एक फरवरी को बजट पेश होगा। इससे पहले टैक्स कलेक्शन के आंकड़े काफी अच्छे देखने को मिले हैं। जानकारों की मानें तो वित्त वर्ष खत्म होने से पहले सरकार अपने टारगेट को पूरा कर सकती है।
रिफंड में आई बड़ी गिरावट
CBDT के डेटा से पता चलता है कि 11 जनवरी 2026 तक डायरेक्ट टैक्स रिफंड में 16.92% की गिरावट आई है और यह पिछले साल के 3.75 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 3.11 लाख करोड़ रुपये हो गया है। 1 अप्रैल से 11 जनवरी के बीच सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स यानी एसटीटी कलेक्शन 44,867 करोड़ रुपये रहा। एडवांस टैक्स कलेक्शन में भी लगातार बढ़ोतरी देखी गई। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक कुल एडवांस टैक्स 4.27% बढ़कर 7,88,388 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनियों ने सरकार की भर दी तिजोरी
कॉर्पोरेट एडवांस टैक्स में लगभग 8% की बढ़ोतरी हुई और यह 6,07,300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, नॉन-कॉर्पोरेट टैक्सपेयर्स द्वारा भुगतान किए गए एडवांस टैक्स में 6.49% की गिरावट आई और यह 1,81,088 करोड़ रुपये रहा। यह टैक्स प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब टैक्स व्यवस्था में बड़े बदलाव हुए हैं। 2025 के केंद्रीय बजट में, सरकार ने नई पर्सनल इनकम टैक्स व्यवस्था को बढ़ावा दिया। इसके तहत टैक्स स्लैब में कटौती की गई, जिसका मकसद लोगों के हाथों में अधिक डिस्पोजेबल इनकम देना और खपत को बढ़ाना था।