Donald Trump on Tariffs: टैरिफ के मामले में भारत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर में नरमी आई है। उन्होंने भारत के साथ टैरिफ कम करने के संकेत दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और भारत व्यापार समझौते के करीब पहुंच गए हैं। ट्रंप ने कहा कि फेयर डील (निष्पक्ष समझौता) हो रही है, जिससे वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच आर्थिक और सुरक्षा संबंधों का विस्तार होगा। इसके साथ ही अमेरिका के ऊर्जा निर्यात और अमेरिका के प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। ट्रंप ने यह टिप्पणी सर्जियो गोर के भारत में राजदूत के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान की।
ट्रंप ने दावा किया है कि रूस से तेल आयात करने के कारण भी भारत पर हाई टैरिफ लगाए गए थे, लेकिन अब भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। इसलिए अमेरिका टैरिफ कम करने के बारे में सोच सकता है। ट्रंप ने ट्रेड डील के खास होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि “अभी वे मुझे पसंद नहीं करते, लेकिन वे हमें फिर से पसंद करेंगे।”
भारत के साथ कर रहे ट्रेड डील
दरअसल, ओवल ऑफिस में ट्रंप से सवाल किया गया कि भारत के साथ व्यापार समझौता कितना करीब है और क्या वह नई दिल्ली पर टैरिफ कम करने पर विचार करेंगे? इसका जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “हम भारत के साथ एक डील कर रहे हैं। ये डील पहले से बहुत अलग है। अभी वे मुझे पसंद नहीं करते, लेकिन वे हमें फिर से पसंद करेंगे। हमें एक उचित सौदा मिल रहा है। वे बहुत अच्छे वार्ताकार हैं, इसलिए सर्जियो आपको इस पर गौर करना होगा। मुझे लगता है कि हम एक ऐसे समझौते के बहुत करीब हैं जो सभी के लिए अच्छा है।”
भारतीय अधिकारी करेंगे पसंद - ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अभी भारतीय अधिकारी उन्हें पसंद नहीं कर रहे हैं, लेकिन समझौते के बाद वे उन्हें फिर से पसंद करने लगेंगे, क्योंकि यह सबके लिए अच्छा होगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे भारतीय सामानों पर लगाए गए टैरिफ को कम कर सकते हैं। उन्होंने भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताया है।
अभी 50 फीसदी है टैरिफ
मौजूदा समय में अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय एक्सपोर्ट पर 50% टैरिफ लग रहा है, जो ब्राजील के बराबर है। ये अमेरिका के साथ ट्रेड करने वाले देशों में सबसे अधिक है। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के चलते भारत पर 25% का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया है। अब ट्रंप कई बार खुद कह चुके हैं कि भारत ने रूस से तेल खरीदना कम कर दिया है। अपने ताजा बयान में भी उन्होंने यही बात दोहराई है और शायद इसीलिए टैरिफ कम करने पर सहमति भी जताई है।