
Trump Tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल का पहला साल खत्म होने वाला है। ट्रंप ने जैसे ही दूसरी बार सत्ता संभाली तो टैरिफ राग अलापने लगे। हालांकि इस टैरिफ राग का अमेरिका के भीतर भी विरोध हो रहा था। लेकिन ट्रंप आखिर कहां मानने वाले थे। अभी भी कई देशों टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है। मौजूदा समय में भारत पर 50 फीसदी लगा हुआ है। ट्रंप के टैरिफ के बावजूद भारत की इकोनॉमी पर कुछ खास असर नहीं पड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है।
ट्रंप के टैरिफ की वजह से अमेरिका के कई देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों में कड़वाहट आई है। ट्रंप के इस टैरिफ राग की वजह से भारत ने अपनी व्यापार रणनीति को फिर से बनाने, निर्यात बाजारों में विविधता लाने, अमेरिका से परे संबंधों को मजबूत बनाने और अपनी इकोनॉमी को एकतरफा व्यापार झटकों से बचाने पर फोकस बढ़ाया है।
मौजूदा समय में भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा हुआ है। अगर भारत रूस से तेल खरीद जारी रखता है तो 500 फीसदी टैरिफ लगाया जा सकता है। इसी तरह अगर भारत ने ईरान के साथ कारोबारी रिश्ते जारी रखे तो 25 फीसदी और टैरिफ लग सकता है। इस तरह से भारत पर 575 फीसदी टैरिफ का खतरा मंडरा रहा है।
ट्रंप के टैरिफ की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए भारत ने दूसरी राह पकड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने पश्चिम एशिया, अफ्रीका, यूरोप और चीन जैसे नॉन-US मार्केट में मौके तलाश शुरू कर दी। इसका नतीज ये रहा कि दिसंबर में चीन के लिए एक्सपोर्ट 67 फीसदी से बढ़कर 2 अरब डॉलर हो गया। इधर भारत के सबसे बड़े एक्सपोर्ट मार्केट अमेरिका को भेजे गए सामान में 1.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। यह 6.8 अरब डॉलर रहा।
भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), ऑस्ट्रेलिया, ओमान, UK जैसे दूसरे देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और आर्थिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए हैं। यूरोपियन यूनियन के साथ भी लंबे समय से अटकी ट्रेड डील भी अब फाइनल होने के करीब पहुंच गई है। इस ट्रेड डील की वजह से भारत के 99 फीसदी सामानों को यूके बाजार में फ्री एक्सेस मिलेगा। वहीं, भारत में मामूली 3 फीसदी टैरिफ के साथ यूके के 99 फीसदी सामानों को आयात करने की सुविधा मिल सकती है।
ट्रंप की इस टैरिफ धमकी को भारतीय अर्थव्यवस्था 'ठेंगा दिखाती' हुई नजर आ रही है। देश की जीडीपी ग्रोथ अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। कई एजेंसियों की रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था में तेजी का अनुमान जताया गया है। Dun & Bradstreet की एक रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2027 तक भारत की जीडीपी लगभग 6.6% तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। मूडीज ने 6.4 फीसदी, वर्ल्ड बैंक ने 6.5 फीसदी, आईएमएफ ने 6.6 फीसदी, आरबीआई ने 7.3 फीसदी, फिच ने 7.4 फीसदी बढ़ने का अनुमान जताया है।
टैरिफ (Tariff) एक तरह का टैक्स है। इसे सरकारें आयात (import) या निर्यात (export) होने वाली वस्तुओं और सेवाओं पर लगाती हैं। इसका मकसद देश की अर्थव्यवस्था को कंट्रोल करना, घरेलू उद्योगों को संरक्षण देना, राजस्व कमाना और कारोबार में संतुलन बनाए रखना है। कहने का मतलब ये हुआ कि अगर कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर 10 फीसदी आयात शुल्क लगाता है। तब ऐसी स्थिति में अमेरिका भी उस देश से आने वाले सामान पर 10 फीसदी का ही टैरिफ लगाएगा। इसे कुछ ऐसे समझते हैं कि अगर कोई अमेरिकी नागरिक भारतीय संतरे खरीदता है तो अमेरिकी नागरिक को पैसे तो देना ही होगा। इसके अलावा अतिरिक्त टैक्स भी चुकाना होगा। ऐसे में यह सामान अमेरिकियों को महंगा पड़ सकता है। इससे अमेरिका में भारतीय संतरों की बिक्री में गिरावट आ सकती है। हालांकि इससे वहां की सरकारें अपना खजाना जरूर भरती हैं।
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