
India Budget 2026: बजट से पहले पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण ने देश की आर्थिक सेहत का रिपोर्ट कार्ड सामने रखा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को संसद में यह रिपोर्ट पेश की, जबकि एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में मोदी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि बजट में किन क्षेत्रों को राहत मिलेगी। आर्थिक सर्वेक्षण पर चर्चा के बाद वित्त मंत्री 1 फरवरी, रविवार को केंद्र सरकार का बजट पेश करेंगी।
Budget 2026 Live Updates: आर्थिक सर्वेक्षण में देश में तेजी से बढ़ते मोटापे पर चिंता जताई गई है और इसे एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, गलत खानपान, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का बढ़ता सेवन और बदली हुई जीवनशैली सभी आयु वर्ग को प्रभावित कर रही है, जिससे मधुमेह, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ रहा है। एनएफएचएस के आंकड़े बताते हैं कि करीब एक-चौथाई वयस्क मोटापे की चपेट में हैं और बच्चों में भी यह समस्या बढ़ रही है। सर्वे में पोषण अभियान, फिट इंडिया और ईट राइट इंडिया जैसे प्रयासों के जरिए इस चुनौती से निपटने पर जोर दिया गया है।
Budget 2026 Live Updates: आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने के लिए लचीले काम के विकल्पों को बढ़ावा देना जरूरी है। रिपोर्ट के मुताबिक, महिलाओं को आज भी सीमित आवागमन, कठोर कार्य समय और देखभाल की दोहरी जिम्मेदारियों जैसी संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से उनकी कामकाजी भागीदारी पुरुषों के मुकाबले कम बनी रहती है, भले ही वे वैतनिक और अवैतनिक दोनों तरह के कामों में ज्यादा समय देती हों।
समीक्षा में इन समस्याओं से निपटने के लिए लचीले और हाइब्रिड वर्क मॉडल, मातृत्व लाभ, समान वेतन और कार्यस्थल पर उत्पीड़न से सुरक्षा देने वाली नीतियों को मजबूत करने की सिफारिश की गई है। रिपोर्ट का मानना है कि ऐसे कदम महिलाओं को रोजगार से जोड़ने और आर्थिक भागीदारी बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।
Budget 2026 Live Updates: आर्थिक समीक्षा 2025–26 में कहा गया है कि मौजूदा कानूनी और प्रशासनिक उपायों के बावजूद श्रमिकों को अब भी अमानवीय स्वच्छता कार्यों में लगाया जाना एक गंभीर सामाजिक समस्या है। समीक्षा के अनुसार, सीवर और सेप्टिक टैंक में काम करने वाले अधिकतर श्रमिक कुछ खास जातियों (वाल्मीकि, मेहतर, डोम, मडिगा, माला आदि) से आते हैं, जिन्हें लंबे समय से भेदभाव झेलना पड़ा है। इसे खत्म करने के लिए सामजिक स्तर पर शिक्षा और व्यवहार में बदलाव जरूरी बताया गया है। रिपोर्ट में हाथ से मैला ढोने की प्रथा को पूरी तरह खत्म करने और श्रमिकों के स्थायी पुनर्वास के लिए नागरिक समाज की भागीदारी पर जोर दिया गया है। साथ ही, शहरी स्थानीय निकायों (ULB) को जवाबदेह बनाने, नियमों का सख्त पालन कराने और ‘स्वच्छ सर्वेक्षण’ जैसे ढांचों के जरिए बेहतर योजना और संसाधन वितरण की सिफारिश की गई है।
Budget 2026 Live Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि संसद में पेश आर्थिक समीक्षा भारत की मजबूत आर्थिक नींव और लगातार हो रही प्रगति को दिखाती है। उनके मुताबिक, यह समीक्षा नवाचार, उद्यमिता और बुनियादी ढांचे की बढ़ती भूमिका के साथ-साथ समावेशी विकास पर भी जोर देती है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश समीक्षा समावेशी विकास के महत्व को बताती है। इसमें किसानों, MSME, युवाओं के रोजगार और समाज कल्याण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने X पर लिखा, "आज पेश की गई आर्थिक समीक्षा भारत की 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' की एक व्यापक तस्वीर पेश करती है, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक वातावरण में निरंतर प्रगति को दर्शाती है। यह विनिर्माण व उत्पादकता बढ़ाकर ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर देश को आगे ले जाने का रोडमैप पेश करती है।
Budget 2026 Live Updates: आर्थिक सर्वे 2024-25 में साफ बताया गया कि अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान जीएसटी से 17.4 लाख करोड़ रुपये की वसूली हुई। अब सरकार ई-वे बिल और ई-सील को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है ताकि कर वसूली और निगरानी आसान हो सके।
Budget 2026 Live Updates: संसद में गुरुवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा के अनुसार कृत्रिम मेधा (AI) के क्षेत्र में भारत के देर से प्रवेश करने के अपने फायदे हैं, जिसे अब तक कम करके आंका गया है। इससे भारत उन ज्यादा ऊर्जा खपत और आर्थिक जोखिम वाले मॉडल से बच सकता है, जिन्हें शुरुआती देशों ने अपनाया। सर्वे के मुताबिक, भारत अब एक ऐसा एआई रास्ता चुन सकता है जो कम संसाधनों में काम करे, ज्यादा सुरक्षित हो और सार्वजनिक जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जाए। इसमें साफ किया गया है कि एआई के साथ ही नियम, डेटा सुरक्षा और जवाबदेही को भी साथ-साथ मजबूत करना जरूरी है, ताकि तकनीक का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ हो सके।
Budget 2026 Live Updates: काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) के सीईओ डॉ. अरुणाभा घोष ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है कि भारत की विकास कहानी अब लोगों की जीवन गुणवत्ता और शहरों की लंबी अवधि की स्थिरता पर ज्यादा केंद्रित हो रही है। सर्वे में शहरी गर्मी, पानी की कमी, कचरा प्रबंधन और जलवायु-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी जुड़ी चुनौतियों को पहचाना गया है। उन्होंने बताया कि बेहतर शहरों के लिए मजबूत संस्थान, सही फंडिंग और व्यवहार में बदलाव जरूरी है। साथ ही, सर्कुलर वॉटर री-यूज, ग्रीन बॉन्ड और हीट एक्शन प्लान जैसे कदम शहरों को ज्यादा सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Budget 2026 Live Updates: आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 पर काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (CEEW) के फेलो विश्वास चितले ने कहा कि रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अनुकूलन उपायों को विकास की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने की जरूरत पर साफ तौर पर जोर दिया गया है। उनके मुताबिक, इन उपायों को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए अलग-अलग तरह के वित्तीय संसाधनों की भूमिका भी अहम बताई गई है।
उन्होंने बताया कि नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज (NAPCC) अपने नौ मिशनों के जरिए खेती, स्वास्थ्य और जंगल व पर्यावरण जैसे अहम क्षेत्रों में अनुकूलन उपायों को आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, CEEW के एक हालिया अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश के करीब 60 फीसदी जिले भीषण गर्मी के खतरे से जूझ रहे हैं, जहां भारत की लगभग दो-तिहाई आबादी रहती है। ऐसे में जान-माल और आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए हीट रेजिलिएंस जैसे उपायों को तेजी से अपनाने की जरूरत है।
Budget 2026 Live Updates: इकोनॉमिक सर्वे पर ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और फाइनेंशियल सर्विसेज रिस्क पार्टनर विवेक अय्यर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात के बीच भारत एक मजबूत और उजली तस्वीर पेश करता है, लेकिन कुछ चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि पुराने पैमानों पर टिके निवेशकों की वजह से सेंटीमेंट कमजोर है। ऐसे में बजट का फोकस निजी पूंजी को बढ़ावा देने, लिक्विडिटी सुधारने और रेगुलेटरी बदलावों पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि स्टेबलकॉइन जैसे नए फाइनेंशियल टूल्स तेजी से अहम बन रहे हैं और इन्हें सही नियमों के साथ वित्तीय सिस्टम में शामिल करने पर विचार जरूरी है।
Budget 2026 Live Updates: संसद में पेश आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, आने वाले वित्त वर्ष में महंगाई बड़े संकट के तौर पर सामने नहीं आएगी। सप्लाई साइड की बेहतर स्थिति, जीएसटी सुधारों और मजबूत कृषि उत्पादन से कीमतें काबू में रहने की उम्मीद है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोना और चांदी के दाम ऊंचे बने रह सकते हैं। आरबीआई और आईएमएफ का अनुमान है कि महंगाई 4 प्रतिशत के लक्ष्य दायरे में ही रहेगी, लेकिन वैश्विक जोखिमों पर सतर्क नजर जरूरी होगी।
Budget 2026 Live Updates: PayNearby के फाउंडर, एमडी और सीईओ आनंद कुमार बजाज का कहना है, “अगर भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनना है, तो अगला ग्रोथ फेज तभी आएगा जब गांवों और छोटे शहरों तक बैंकिंग और डिजिटल सेवाएं आसान हों। BC आउटलेट्स के जरिए दी जाने वाली वित्तीय सेवाओं पर GST छूट, TDS नियमों में राहत और फिनटेक स्टार्टअप्स को टैक्स सपोर्ट से आखिरी छोर तक सेवाएं मजबूत होंगी। महिलाओं के नेतृत्व वाले कारोबार को बढ़ावा देना भी बेहद जरूरी है।”
Budget 2026 Live Updates: विजन बिजनेस पार्क के फाउंडर अतुल विक्रम सिंह का कहना है, “इस केंद्रीय बजट से रियल एस्टेट सेक्टर में पॉलिसी की स्थिरता और एक लॉन्ग-टर्म विजन मिलने की उम्मीद है। टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाया जाना चाहिए, खासकर कमर्शियल और मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स के लिए।REITs, ऑफिस स्पेस और बिजनेस पार्क को प्रोत्साहन मिलने से निवेश और रोजगार दोनों बढ़ेंगे। साथ ही, सिंगल-विंडो क्लीयरेंस और डिजिटल अप्रूवल से प्रोजेक्ट तेजी से पूरे हो सकेंगे।”
बजट से पहले दिनेश जैन एमडी एक्सोटिका हाउसिंग ने कहा कि भारत के रियल एस्टेट सेक्टर को केंद्रीय बजट 2026 से बहुत उम्मीदें हैं, जिसमें किफायती आवास को बढ़ावा देने और टैक्स में राहत पर ध्यान दिया गया है। रियल एस्टेट को इंडस्ट्री का दर्जा देने से नियमों में आसानी होगी और विकास को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही सेक्शन 24(b) के तहत होम लोन ब्याज कटौती को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹4-6 लाख किया जाएगा, और इसे नई टैक्स व्यवस्था में भी शामिल किया जाएगा। हम पुराने किफायती आवास की परिभाषाओं (मेट्रो में ₹45 लाख तक, 60 वर्ग मीटर कारपेट) में अपडेट और रुके हुए प्रोजेक्ट्स के लिए SWAMIH फंड के विस्तार की भी मांग करते हैं।
आर्थिक सर्वे के मुताबिक, साल 2025 में सोने ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिए। वैश्विक बाजारों में उतार‑चढ़ाव के बावजूद सोना सिर्फ महंगाई या संकट से बचाव का साधन नहीं रहा, बल्कि सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला एसेट साबित हुआ। शेयर बाजार में बढ़त और क्रेडिट मार्केट में सुधार दर्ज हुआ, लेकिन सतर्क निवेशकों के लिए भी सोना सबसे सुरक्षित और लाभकारी विकल्प बना रहा।
संदेश शारदा, फाउंडर, ग्रो मोर पोर्टफोलियो मैनेजमेंट LLC और टाइटन – आइडियाबाज़ ने कहा कि आज भारत में 2 लाख से ज़्यादा DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं, जो इसे दुनिया के सबसे जीवंत एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम में से एक बनाता है। बजट 2026 घरेलू मांग को मज़बूत करके, ग्रोथ कैपिटल तक पहुंच को आसान बनाकर, और शुरुआती और ग्रोथ-स्टेज स्टार्टअप के लिए लक्षित टैक्स और क्रेडिट सहायता देकर इस गति को और गहरा करने का एक अवसर है। इकोसिस्टम को अब सबसे ज्यादा जरूरत है अनुमानित पॉलिसी, तेज मार्केट एक्सेस, और डिमांड-साइड इंसेंटिव की जो फाउंडर्स को स्थायी रूप से आगे बढ़ने की अनुमति दें। सही बजटीय प्रोत्साहन के साथ, भारत के स्टार्टअप इनोवेशन से बड़े पैमाने पर ग्लोबल लीडरशिप की ओर बढ़ सकते हैं।
बीएलएस ई-सर्विसेज के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) लोकनाथ पांडा ने कहा कि जैसे-जैसे केंद्रीय बजट नजदीक आ रहा है, वित्तीय पारिस्थिति की तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए , जो बचत, ऋण और भुगतान के क्षेत्रों में समावेशी विकास का समर्थन करे। हालांकि खाता स्वामित्व बढ़ाने और डिजिटल अपनाने में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वित्तीय समावेशन का अगला चरण खाता गतिविधि को बेहतर बनाने, अल्पसेवित वर्गों तक ऋण प्रवाह और अंतिम-मील सेवा वितरण पर निर्भर करेगा। इसके लिए टिकाऊ परिचालन मॉडल, पर्याप्त तरलता समर्थन और बैंकों, मध्यस्थों एवं सेवा प्रदाताओं के बीच समन्वित प्रोत्साहनों की आवश्यकता है। पूंजीगत बाधाओं को कम करने, जिम्मेदार ऋण विस्तार को प्रोत्साहित करने और मौजूदा वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली नीतिगत कार्रवाइयां ये सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होंगी कि समावेशन सार्थक आर्थिक भागीदारी में तब्दील हो।
भारत से बने वाहनों की दुनिया में मांग लगातार बढ़ रही है। आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में यात्री गाड़ियां, वाणिज्यिक वाहन, दोपहिया और तिपहिया मिलाकर 53 लाख से ज्यादा वाहनों का निर्यात हुआ। यही रफ्तार 2025-26 की पहली छमाही में भी जारी रही, जब वाहन निर्यात में दहाई अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।इसके मुताबिक, वाहन उद्योग भारत की आर्थिक वृद्धि का एक प्रमुख चालक बना हुआ है। भारत दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है जबकि यात्री एवं वाणिज्यिक वाहनों के मामले में वैश्विक स्तर पर तीसरा सबसे बड़ा बाजार है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण संसद पटल पर रख दिया। आर्थिक सर्वेक्षण पूरे वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था की गतिविधियों के एक गहन अध्ययन पर आधारित रिपोर्ट होता है। आइए जानते हैं कि इस आर्थिक सर्वेक्षण में 10 बड़ी बातें क्या-क्या हैं? पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आर्थिक सर्वे 2025-26 में सरकार ने बताया कि कृषि क्षेत्र ने इस वर्ष मजबूत प्रदर्शन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और फसल बीमा योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन उपायों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और कृषि उत्पादन को स्थिर बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश कर दिया है। इसमें साफ कहा गया है कि घरेलू कारकों की मजबूती और मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता के चलते विकास से जुड़े खतरे फिलहाल संतुलित हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।
गुरुवार सुबह कारोबार की शुरुआत में ही शेयर बाजार दबाव में आ गया। सेंसेक्स 600 अंक से अधिक फिसलकर 81,707 के स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी 50 भी 150 अंक टूटकर 25,200 से नीचे चला गया। निवेशकों की नजर अब आने वाले आर्थिक सर्वे पर टिकी है, जिसे देश का ‘आर्थिक रिपोर्ट कार्ड’ माना जा रहा है।
Budget 2026 Updates: कैपिटल इंडिया फाइनेंस लिमिटेड (CIFL) के CEO पिनांक शाह ने सरकार से NBFC सेक्टर के लिए अहम कदम उठाने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि MSME और रिटेल ग्राहकों तक आखिरी छोर तक लोन पहुंचाने में NBFC की बड़ी भूमिका है।पिनांक शाह ने कहा कि NBFC को सभी लोन वैल्यू पर SARFAESI अधिकार मिलने चाहिए, जिससे रिकवरी तेज होगी और कर्ज सस्ता हो सकेगा। उन्होंने MSME पर फोकस NBFC के लिए रीफाइनेंस/लिक्विडिटी विंडो की मांग भी की। साथ ही, लंबी अवधि की फंडिंग और बेहतर डिजिटल क्रेडिट इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर दिया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।
पीएम मोदी के संबोधन के बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को विश्वास में नहीं लेती, बिना पर्याप्त जांच‑पड़ताल के विधेयक पास कराती है और संसद को चुनावी मंच की तरह इस्तेमाल करती है। उन्होंने कहा कि आज का प्रदर्शन उसी सिलसिले का हिस्सा है।
ज़ेलियो ई-मोबिलिटी के सह-संस्थापक और प्रबंध निदेशक कुणाल आर्य आगामी बजट 2026-27 में सरकार को बैटरी सेल, कंट्रोलर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अहम पार्ट्स के लिए PLI स्कीम के जरिए लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहिए। इससे न केवल इम्पोर्ट पर निर्भरता घटेगी, बल्कि मेक इन इंडिया को भी मजबूती मिलेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि आज जिस प्रकार से देश आगे बढ़ रहा है, आज समय व्यवधान का नहीं है, आज समय समाधान का है। आज प्राथमिकता व्यवधान नहीं है, आज प्राथमिकता समाधान है। आज भूमिका व्यवधान का रोना रोने का नहीं है, आज भूमिका समाधान ढूंढने और उन्हें जमीन पर उतारने का है।
पीएम मोदी ने कहा कि कोई हमारी कितनी भी आलोचना करे, लेकिन एक बात हर कोई कहता है कि सरकार ने लास्ट माइल डिलिवरी पर बल दिया है योजना फाइल तक नहीं, लाइफ तक पहुंचाने का प्रयास रहता है। इसी परंपरा को हम रिफॉर्म एक्सप्रेस में नेक्स्ट जेनरेशन के रिफॉर्म में आगे बढ़ाने वाले हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है, लेकिन इस सरकार की पहचान रही है- रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म। अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर तेज गति से चल पड़े हैं। देश लंबे समय से चलती आ रही समस्याओं के दौर से निकलकर लंबे समय तक के समाधान के रास्ते पर चल पड़ा है। इससे दुनिया का हमपर भरोसा और उनकी उम्मीद दृढ़ हो रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत-यूरोपियन यूनियन के बीच मदर ऑफ ऑफ डील जैसा समझौता हुआ तो मेरे देश के मैन्युफैक्चरर्स के लिए बहुत बड़ा बाजार खुल गया। अब बहुत सस्ते में मेरा माल पहुंच जाएगा। ऐसी सोच नहीं रखें बल्कि क्वॉलिटी पर ध्यान दें। बाजार अगर खुला है तो क्वॉलिटी के दम पर ईयू के 27 देशों से सिर्फ पैसे नहीं कमाएंगे बल्कि वहां के खरीदारों का दिल भी जीत लेंगे। इसका उनके मन-मस्तिष्क पर दशकों तक गहरा असर रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।
बजट से ठीक पहले सोने और चांदी की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1,80,501 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, चांदी ने पहली बार 4 लाख रुपये का आंकड़ा पार कर इतिहास रच दिया।
केंद्रीय बजट 2026 से पहले लोहिया वर्ल्डस्पेस के निदेशक पीयूष लोहिया ने कहा कि इस बार बजट में सबसे अहम बात नीति की स्थिरता और सतत विकास होनी चाहिए, ताकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लोगों का भरोसा मजबूत बना रहे। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत आयकर में तर्कसंगत सुधार से मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी और उनकी आय बढ़ेगी। व्यापार जगत के लिए नियामकीय स्पष्टता बेहद जरूरी है, वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर निवेशखासतौर पर शहरी विकास, लॉजिस्टिक्स और आवासरोजगार और निवेश को नई गति देगा। एमएसएमई सेक्टर को आसान ऋण और जीएसटी सरलीकरण से मजबूती मिलेगी, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार और तेज होगी। साथ ही, हरित निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण को बढ़ावा देने वाले कदम टिकाऊ विकास की दिशा में अहम साबित होंगे। कुल मिलाकर, बजट 2026 को राजकोषीय अनुशासन और लंबी अवधि के विकास के बीच संतुलन बनाना होगा ताकि देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत व समावेशी बन सके।
इतिहास में पहली बार देश का बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इस वजह से 1 फरवरी को शेयर बाजार में विशेष ट्रेडिंग होगी, जबकि शनिवार को बाजार हमेशा की तरह बंद रहेगा। यह कदम अभूतपूर्व है क्योंकि अब तक बजट कभी रविवार को पेश नहीं किया गया था।
Budget Live 2026: वित्त मंत्री आज गुरुवार सुबह 11 बजे लोकसभा में देश का आर्थिक सर्वे पेश करेंगी। इस सर्वे में जीडीपी ग्रोथ के अनुमान, विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन और सरकार द्वारा किए गए खर्च का विस्तृत विवरण शामिल होगा।
सरकार से इस बार बड़े टैक्स कट की उम्मीद करना व्यावहारिक नहीं माना जा रहा है क्योंकि पिछले बजट में पहले ही कई राहतें दी जा चुकी थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार फिलहाल उन फैसलों के असर को परखना चाहेगी और देखेगी कि राजस्व और अर्थव्यवस्था पर उनका क्या प्रभाव पड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 10 बजे संसद परिसर के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करेंगे।माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री अपने वक्तव्य में सत्र के एजेंडा और सरकार की प्राथमिकताओं पर संकेत देंगे।
बजट सेशन की शुरुआत में ज्यादातर फोकस 2026-27 के यूनियन बजट से जुड़े वित्तीय कामों पर रहेगा। साथ ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी। इसके बाद, सेशन के दूसरे हिस्से में जरूरी विधायी काम और बाकी मुद्दों पर काम होने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिवेश बन गया है। मुर्मू ने कहा, 'एक दशक पहले देश में 500 से भी कम स्टार्टअप थे। आज लगभग दो लाख स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं, जिनमें से लगभग 50,000 नए स्टार्टअप केवल पिछले वर्ष के दौरान पंजीकृत हुए हैं।' उन्होंने कहा कि भारत के स्टार्टअप नेटवर्क में 20 लाख से अधिक युवा काम कर रहे हैं और इनमें से 45 प्रतिशत स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार के प्रयासों से इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है और भारत स्मार्टफोन उत्पादन के क्षेत्र में विश्व स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। मुर्मू ने कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात हुआ।
उन्होंने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों के दौरान अकेले इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र में 25 लाख से अधिक नई नौकरियां पैदा हुई हैं और सरकार के प्रयासों से आईटी सेवाओं, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और वैश्विक क्षमता केंद्रों में भी एक करोड़ से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताते हुए सांसदों से राजनीतिक मतभेदों को परे रखकर विकसित भारत जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर आम सहमति से काम करने और देश के विकास को नयी ऊर्जा देने का पुरजोर आह्वान किया है। मुर्मु ने संसद के बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपने अभिभाषण में कहा कि राष्ट्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सांसदों का एकमत होना जरूरी है और यही संविधान की भावना भी है।
केंद्र सरकार अपने आगामी बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को और उदार बनाने की योजना बना रही है। शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि आगामी बजट में मौजूदा लाइसेंस प्राप्त रक्षा निर्माताओं के लिए 'स्वचालित मार्ग' के तहत एफडीआई सीमा को बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव शामिल है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पर रिपोर्ट पेश करेंगी। वित्त मंत्री यह रिपोर्ट 11 बजे संसद के पटल पर रखेंगी। संसद सत्र की शुरुआत बुधवार को हुई, जिसमें राष्ट्रपति का अभिभाषण हुआ।