अनिल अंबानी की रिलायंस के खिलाफ ED का फिर से एक्शन, 1120 करोड़ की संपत्ति जब्त

Anil Ambani: अनिल अंबानी और उनके ग्रुप पर ईडी की शिकंजा कसता ही जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर से उनकी 1,120 करोड़ रुपये की 18 से अधिक संपत्तियों को जब्त किया है। इसी के साथ अब तक 10117 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है।

Jitendra Singh
अपडेटेड5 Dec 2025, 06:40 PM IST
Anil Ambani: अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
Anil Ambani: अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

Anil Ambani: अनिल अंबानी की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate - ED) ने अनिल अंबानी पर शिकंजा कसते हुए 1120 करोड़ रुपये की नई संपत्तियां जब्त की हैं। इसमें 18 से अधिक संपत्तियां शामिल हैं। कुछ समय पहले भी ईडी ने 1452 करोड़ रुपये और 7500 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं। बताया जा रहा है कि अब तक 10,117 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई है। यह मामला रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और यस बैंक से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का है। इस मामले में अनिल अंबानी ग्रुप पर लगातार कार्रवाई हो रही है।

अटैच की गई संपत्तियों में ये हैं शामिल

ED द्वारा अटैच की गई संपत्तियों में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की 7 प्रॉपर्टी, रिलायंस पावर लिमिटेड की 2 प्रॉपर्टी, रिलायंस वैल्यू सर्विस प्राइवेट लिमिटेड की 9 प्रॉपर्टी, रिलायंस वैल्यू सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, रिलायंस वेंचर एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड, M/s Phi मैनेजमेंट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, M/s आधार प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड, M/s Gamesa इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर मौजूद FD और बैंक बैलेंस शामिल हैं। इसी के साथ अनक्वोटेड इन्वेस्टमेंट्स में की गई हिस्सेदारियां भी अटैच की गई हैं।

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कब का है मामला?

2017-2019 के दौरान, यस बैंक ने RHFL इंस्ट्रूमेंट्स में 2,965 करोड़ रुपये और RCFL इंस्ट्रूमेंट्स में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया था। दिसंबर 2019 तक, ये नॉन-परफॉर्मिंग इन्वेस्टमेंट बन गए। RHFL के लिए बकाया 1,353.50 करोड़ रुपये और RCFL के लिए 1,984 करोड़ रुपये था। आरएचएफएल और आरसीएफएल के मामले में ईडी की जांच से पता चलता है कि आरएचएफएल और आरसीएफएल को 11,000 करोड़ रुपये से अधिक का सार्वजनिक धन प्राप्त हुआ। यस बैंक की ओर से रिलायंस अनिल अंबानी समूह की कंपनियों में यह पैसा निवेश करने से पहले, यस बैंक को पूर्ववर्ती रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड से भारी धन प्राप्त हुआ था।

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SEBI के नियम किए गए नजरअंदाज

SEBI के नियमों के चलते रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड सीधे तौर पर इन कंपनियों में निवेश नहीं कर सकता था। लिहाजा धन को Yes Bank के जरिए 'सर्किटस रूट' अपनाते हुए समूह की कंपनियों तक पहुंचाया गया। CBI द्वारा दर्ज FIR के आधार पर ED ने RCOM, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी है।

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अब तक कितने मूल्य की संपत्ति जब्त?

ईडी ने बताया कि इस कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी ग्रुप से जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य अब 10,117 करोड़ रुपये हो गया है। इससे पहले एजेंसी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), आरएचएफएल और आरसीएफएल से जुड़े बैंक धोखाधड़ी के मामलों में 8,997 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की थीं।

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