राहुल गांधी बोले थे- आर्थिक तूफान आ रहा है, लेकिन 7.8% बढ़ गई जीडीपी, आखिर कैसे हुआ कमाल?

GDP Growth Rate: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज की है। ईरान युद्ध के बीच तमाम तरह की आशंकाओं के बावजूद यह आंकड़ा काफी उत्साहजनक है। 

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड1 Sep 2026, 04:39 PM IST
भारत की जीडीपी की तेज रफ्तार (आई निर्मित सांकेतिक तस्वीर)
भारत की जीडीपी की तेज रफ्तार (आई निर्मित सांकेतिक तस्वीर)(ChatGPT)

नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था ने फिर मजबूत वृद्धि दर्ज की। चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही। हालांकि, यह बीते वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही (Q4FY26) के 8.6 प्रतिशत से कम है, लेकिन एक साल पहले की समान तिमाही (Q1FY26) के 6.9 प्रतिशत से अधिक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीडीपी के इस बंपर ग्रोथ डेटा पर खुशी का इजहार करते हुए देशवासियों को बधाई दी है।

पीएम मोदी ने तेज जीडीपी ग्रोथ पर जताई खुशी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'देशवासियों, बहुत-बहुत बधाई। 7.8 प्रतिशत आर्थिक वद्धि दर। देश खुशियों से भर गया है, लेकिन देशवासियों को मैं बधाई देता हूं उनकी संकल्प शक्ति के लिए, उनके पुरुषार्थ के लिए। (यह उपलब्धि) एक सामूहिक शक्ति का प्रतिबिंब है।' उन्होंने कहा, ‘दुनिया युद्ध में डूबी हुई है, चारों तरफ युद्ध की खबरें आ रही हैं, विश्व संकटों से घिरा हुआ है, आपूर्ति शृंखला पूरी तरह बाधित है और 2020 के कोविड काल से अब तक, कहीं पर भी स्थिरता नजर नहीं आ रही है। उसके बावजूद भी भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है।’

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पीएम का राहुल गांधी पर तंज

उन्होंने कहा, 'दूसरी तरफ भारत के भीतर भी निराशा की गर्त में डूबे लोग 'झूठ की गूंज' और चारों तरफ निराशा फैलाने में लगे हैं। इन सारी चीजों को पार करके भी, उन सभी बातों को धता बताकर देश ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वद्धि दर हासिल की है।'

प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमें इस गति को बनाए रखना है, बढ़ाना भी है और इसके लिए आत्मनिर्भर भारत बनना बहुत जरूरी है।' पीएम मोदी ने 'झूठ का गूंज' से राहुल गांधी पर तंज कसा है। ध्यान रहे कि राहुल गांधी 'छात्रों की गूंज' अभियान चला रहे हैं जिसमें उनके बयानों का फैक्ट चेक करने के लिए एक वेबसाइट 'झूठ की गूंज' शुरू कर दी गई है।

अब तूफान आ रहा है और मैं आपको बता रहा हूं कि ऐसा तूफान आ रहा है कि आज तक हिंदुस्तान ने देखा नहीं और हम हर रोज नरेंद्र मोदी से कह रहे हैं कि किसानों की, मजदूरों की, छोटे व्यापारियों की रक्षा करना शुरू करो क्योंकि अगर नहीं करोगे तो देश का जबर्दस्त नुकसान होने वाला है।- राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

राहुल गांधी ने कहा था- आ रहा है आर्थिक तूफान

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद दावा किया था कि भारत में आर्थिक तूफान आने वाला है। उन्होंने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था, 'दुख की बात क्या है कि अब जबर्दस्त आर्थिक तूफान आने वाला है। इसको कोई रोक नहीं सकता और ऐसा आर्थिक तूफान आने वाला है जिसको आपने और हमने पहले जिंदगी में कभी नहीं देखा। और चोट किसको लगेगी? अंबानी-अडानी को नहीं लगेगी... चोट लगेगी हिंदुस्तान के किसान को, हिंदुस्तान के मजदूर को, हिंदुस्तान के युवाओं को, हिंदुस्तान के जो छोटे व्यापारी हैं, छोटी इंडस्ट्री है, उन्हें लगेगी।'

राहुल ने आगे कहा था, 'हम हम कह रहे हैं। महीनों से मैं कह रहा हूं कि आर्थिक तूफान आ रहा है, आप तैयारी कीजिए। लोगों को जबर्दस्त चोट लगने वाली है, पेट्रोल के दाम बढ़ने जा रहे हैं, महंगाई आसमान की ओर जाएगी और वो कहते हैं कि राहुल गांधी को कोई समझ नहीं है। हम उनसे आज भी कह रहे हैं कि आप ऐक्शन लीजिए... उनको कुछ लेना-देना नहीं है... अब तूफान आ रहा है और मैं आपको बता रहा हूं कि ऐसा तूफान आ रहा है कि आज तक हिंदुस्तान ने देखा नहीं और हम हर रोज नरेंद्र मोदी से कह रहे हैं कि किसानों की, मजदूरों की, छोटे व्यापारियों की रक्षा करना शुरू करो क्योंकि अगर नहीं करोगे तो देश का जबर्दस्त नुकसान होने वाला है।'

ट्रंप ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बताया था 'डेड'

राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हां में हां मिलाते हुए भी कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था की जान निकल चुकी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया तो ट्रंप ने सैन्य संघर्ष रुकवाने का श्रेय खुद को दे दिया। भारत ने इससे इनकार किया तो ट्रंप ने खुन्नस में भारतीय अर्थव्यवस्था को 'डेड' कह दिया था। बाद में राहुल गांधी ने कहा था कि ट्रंप ने ठीक ही कहा है।

दुनिया युद्ध में डूबी हुई है, चारों तरफ युद्ध की खबरें आ रही हैं, विश्व संकटों से घिरा हुआ है, आपूर्ति शृंखला पूरी तरह बाधित है और 2020 के कोविड काल से अब तक, कहीं पर भी स्थिरता नजर नहीं आ रही है। उसके बावजूद भी भारत तेज गति से प्रगति कर रहा है। दूसरी तरफ भारत के भीतर भी निराशा की गर्त में डूबे लोग 'झूठ की गूंज' और चारों तरफ निराशा फैलाने में लगे हैं। इन सारी चीजों को पार करके भी, उन सभी बातों को धता बताकर देश ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वद्धि दर हासिल की है।- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

रघुराम राजन ने भी जताई थी आशंका

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर ईरान युद्ध के गंभीर प्रभाव की आशंका जताई थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल की ढुलाई बाधित होने से पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू सकते हैं। उन्होंने कहा था कि सरकार लंबे समय तक ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों से जनता को बचा नहीं सकती और 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ऊर्जा सब्सिडी देना वित्तीय रूप से लंबे समय तक टिकाऊ नहीं होगा।

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जीडीपी वृद्धि में किस क्षेत्र का कितना योगदान (एआई निर्मित तस्वीर)
(Gemini Notebook)

जीडीपी की तेज वृद्धि में किन सेक्टर्स का हाथ

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8% रही है जबकि कुल सकल मूल्य वर्धन (GVA) में 8.2% की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें सेवा एवं औद्योगिक क्षेत्र का विशेष योगदान रहा जबकि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का योगदान तुलनात्मक रूप से कम रहा। आइए जानते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज चमक के पीछे किन-किन क्षेत्रों का कितना योगदान रहा है।

1. सेवा क्षेत्र ने दिया सबसे बड़ा योगदान: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार के पीछे सबसे बड़ी ताकत सेवा क्षेत्र की रही। इसने अप्रैल-जून तिमाही में 10 प्रतिशत की दर से वृद्धि की। वित्तीय, रियल एस्टेट, आईटी और पेशेवर सेवाओं के क्षेत्र में सबसे ज्यादा 12.1 पर्सेंट की ग्रोथ दर्ज की गई तो व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण सेवाओं में भी 8.5% की मजबूत वृद्धि मिली। वहीं, लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं से जुड़े सेक्टर ने 7.5% ग्रोथ हासिल किया।

2. उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र: जीडीपी के बंपर ग्रोथ रेट में बड़ा योगदान करने वालों में उद्योग एवं विनिर्माण क्षेत्र का दूसरा स्थान रहा। पहली तिमाही में यह क्षेत्र 8.6% की दर से बढ़ा। इसमें इन्फ्रास्टक्चर और औद्योगिक उत्पादन संबंधी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 9.2% जबकि बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिताओं वाले क्षेत्र 8.9% की दर से बढ़े। वहीं, कंस्ट्रक्शन सेक्टर ने 7.7% ग्रोथ दर्ज किया।

3. कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र: कृषि एवं इससे जुड़े क्षेत्रों की वृद्धि दर 2.9% के साथ नरम रही। कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन सेक्टर को 3.6% ग्रोथ मिली जबकि खनन एवं उत्खनन सेक्टर में तो गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में यह क्षेत्र 2.4% सिकुड़ गया।

क्षेत्र (Sector)

Q1 2024-25 (%)

Q1 2025-26 (%)

Q1 2026-27 (%)

1. प्राथमिक क्षेत्र (Primary Sector)

1.7

2.7

2.9

क. कृषि, वानिकी और मत्स्य पालन (Agriculture, Forestry & Fishing)

2.0

3.7

3.6

ख. खनन एवं उत्खनन (Mining & Quarrying)

7.2

-3.1

-2.4

2. द्वितीयक क्षेत्र (Secondary Sector)

8.4

7.1

8.6

क. विनिर्माण (Manufacturing)

7.0

7.4

9.2

ख. बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिताएं

10.4

6.8

8.9

ग. निर्माण (Construction)

10.5

6.7

7.7

3. तृतीयक क्षेत्र / सेवा क्षेत्र (Tertiary Sector)

7.2

8.9

10.0

क. व्यापार, होटल, परिवहन, संचार और प्रसारण सेवाएं

5.7

7.3

8.5

ख. वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाएं

7.1

10.5

12.1

ग. लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाएं

9.5

8.2

7.5

कुल सकल मूल्य वर्धित

6.8

7.2

8.2

खपत के आंकड़े भी देख लीजिए

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से दो घटकों से चलती है- निवेश और खपत। जब सरकार और निजी कंपनियां देश में नए कारखाने, सड़कें, पुल, मशीनें और तकनीक लगाने के लिए भारी पैसा खर्च करती हैं, तो उसे 'सकल स्थिर पूंजी निर्माण' (GFCF / निवेश) कहते हैं। पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण 11.9% की जबरदस्त बढ़त हुई है, जिसका मतलब है कि देश में नए प्रोजेक्ट्स लगाने और बिजनेस बढ़ाने की रफ्तार बहुत तेज हुई है और कुल जीडीपी में इसका योगदान बढ़कर 34.3% हो गया है।

दूसरी ओर, जब हम और आप अपने दैनिक जीवन के लिए सामान और सेवाओं पर पैसा खर्च करते हैं, तो उसे 'निजी अंतिम उपभोग व्यय' (PFCE / निजी खपत) कहते हैं। इसमें भी 7.1% की अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जो दर्शाती है कि आम लोगों की खरीदारी और मांग में सुधार हुआ है। यह हमारे देश की पूरी अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा हिस्सा (55.6%) बनाता है। संक्षेप में, सरकार और कंपनियों के भारी निवेश और आम जनता की मजबूत खरीदारी ने मिलकर अर्थव्यवस्था की इस रफ्तार को गति दी है।

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पीएम बोले- युवाओं को विकसित भारत सौंपेंगे

यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'इंस्टाग्राम' पर जारी एक वीडियो संदेश में अप्रत्यक्ष तौर पर राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जीडीपी की ताजा वृद्धि दर ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर फैलाए जा रहे 'निराशावाद' के विमर्श को खारिज कर दिया है। पीएम कहा कहा कि अगर लोग स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर बल देना जारी रखेंगे तो आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर देश के युवाओं को विकसित भारत सौंपेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, 'हमारी नीति सही है, हमारी नीयत साफ है और 140 करोड़ देशवासियों की शक्ति एकजुट होकर देश को आज नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है।'

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