India GDP Growth: देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की ग्रोथ पर अपना नजरिया और ज्यादा पॉजिटिव कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि इस साल लोगों का खर्च बढ़ा है, जीएसटी रेट कम होने से चीजें सस्ती हुई हैं और माहौल पहले से बेहतर दिख रहा है। यही वजह है कि उसने GDP ग्रोथ अनुमान को बढ़ा दिया है।
फिच रेटिंग्स ने चालू वित्त वर्ष के लिए GDP वृद्धि अनुमान को 6.9% से बढ़ाकर 7.4% कर दिया है। एजेंसी का मानना है कि उपभोक्ता खर्च में तेजी आई है, लोगों की वास्तविक आय बेहतर हुई है और GST सुधारों का सकारात्मक असर दिख रहा है।
जुलाई-सितंबर तिमाही का GDP आंकड़ा भी मजबूत रहा- यह पिछली अप्रैल-जून तिमाही के 7.8 प्रतिशत से बढ़कर 8.2% पर पहुंच गया।
सरकार ने GST रेट्स को युक्तिसंगत बनाने के तहत करीब 375 वस्तुओं पर टैक्स कम किया, जिससे 99% से ज्यादा रोजमर्रा की चीजें और सस्ती हो गईं। नई GST दरें 22 सितंबर से लागू हैं। फिच का कहना है कि इन बदलावों ने लोगों की जेब हल्की करने के बजाय राहत दी है, जिससे खर्च में तेजी आई है और अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिला है।
क्या RBI दिसंबर में फिर से रेट कट करेगा?
रिपोर्ट में कहा गया है कि लगातार गिरती महंगाई ने RBI को थोड़ा स्पेस दिया है। फिच की राय है कि दिसंबर की पॉलिसी में RBI एक और कटौती करके रेपो रेट को 5.25% पर ला सकता है। इस साल RBI पहले ही 1% की कटौती कर चुका है।
फिच का अनुमान है कि अगले वित्त वर्ष यानी 2026-27 में GDP ग्रोथ थोड़ी धीमी होकर 6.4% के आसपास रह सकती है। साथ ही यह भी उम्मीद है कि निजी निवेश में तेजी आएगी, खासकर अगले साल की दूसरी छमाही में।
खाने-पीने की चीजों के दाम कम होने की वजह से अक्टूबर में CPI आधारित महंगाई सिर्फ 0.3% के ऐतिहासिक न्यूनतम स्तर पर आ गई। फिच कहता है कि मुख्य महंगाई में सुधार और आर्थिक गतिविधियों के स्थिर रहने से RBI अभी और कटौती नहीं करेगा और आगामी दो साल तक रेट 5.25% पर स्थिर रखने की संभावना है।
रेटिंग एजेंसी का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत रास्ते पर चल रही है- लोग खर्च कर रहे हैं, GST असर दिखा रहा है और महंगाई नीचे जा रही है। आने वाले महीनों में RBI का फैसला और निवेश बढ़ोतरी यह तय करेगी कि ग्रोथ की रफ्तार कितनी कायम रहती है।