
Force Motors: पुणे की वाहन निर्माता कंपनी फोर्स मोटर्स अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है। अपने साझा परिवहन समाधान के लिए जानी जाने वाली फोर्स मोटर्स अब वैश्विक बाजारों और रक्षा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए कमर कस रही है। कंपनी के एमडी प्रसन फिरोदिया के मुताबिक, भारत में अच्छी ग्रोथ के लिए खास सेक्टर चुनकर अपनी स्थिति मजबूत की गई है।
पुणे की यह वाहन बनाने वाली कंपनी पिछले दो तिमाहियों से कर्ज-मुक्त है। कंपनी ने डिजिटलीकरण बढ़ाने, फैक्ट्रियों को आधुनिक बनाने, बिक्री नेटवर्क मजबूत करने और इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करने के लिए अगले तीन साल में करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्लान बनाया है।
पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत में फिरोदिया ने बताया कि कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों के लिए हल्के वाणिज्यिक वाहन और बहुउपयोगी गाड़ियां (जैसे ट्रैवलर और अर्बनिया) बना रही है। यही कंपनी का मुख्य कारोबार है और इसी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि ट्रैवलर सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी 70% से ज्यादा है। मोनोबस, ट्रैवलर और अर्बनिया जैसे प्लेटफॉर्म लगातार बढ़ रहे हैं और घरेलू बाजार में राजस्व और मुनाफे में अच्छा योगदान दे रहे हैं।
फिरोदिया ने बताया कि भारत की सबसे बड़ी कंपनी होने के नाते अब लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौजूदगी बढ़ाना है। अभी कंपनी खाड़ी क्षेत्र के करीब 20 देशों में निर्यात करती है और अब लैटिन अमेरिका और अफ्रीका के बाजारों पर भी नजर है।
अर्बनिया और ट्रैवलर के साथ कंपनी संतुलित तरीके से कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश कर रही है। फिलहाल 20 से ज्यादा देशों में काम हो रहा है और इस साल पांच नए बाजार जुड़ेंगे। इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए कंपनी को ग्लोबल स्तर पर अच्छे मौके दिख रहे हैं।
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