भारत में जारी रहेगा विदेशी निवेश, आखिर कैसे? RBI गवर्नर ने बताई वजहें

Foreign Investment: RBI गवर्नर ने कहा कि मजबूत घरेलू ग्रोथ की वजह से भारत को विदेशी निवेश मिलता रहेगा। इसमें बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और बड़ी इकॉनमी में अच्छी क्वालिटी के निवेश मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ग्लोबल निवेशक भारत को लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी मान रहे हैं।

Jitendra Singh( विद इनपुट्स फ्रॉम लाइवमिंट.कॉम)
पब्लिश्ड13 Jan 2026, 09:03 PM IST
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछले साल भारत के प्राइवेट फाइनेंशियल सेक्टर में कई मेगा डील्स हुईं
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछले साल भारत के प्राइवेट फाइनेंशियल सेक्टर में कई मेगा डील्स हुईं

Foreign Investment: भारत की अर्थव्यवस्था दिनों दिन मजबूत हो रही है। विदेशी निवेशक भी भारतीय अर्थव्यवस्था से गदगद हैं। इसबीच रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने मंगलवार को कहा कि मज़बूत घरेलू ग्रोथ की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती रहेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और ब्रॉडर इकोनॉमी में क्वालिटी इन्वेस्टमेंट्स का फ्लो बना रहेगा।

बता दें कि भारत का फाइनेंशियल सेक्टर बीते कुछ सालों में ग्लोबल निवेशकों के लिए बड़ा आकर्षण बनकर उभरा है। निजी बैंकों और एनबीएफसी कंपनियों में अरबों डॉलर की हिस्सेदारी खरीद की डील्स लगातार सामने आई है। इसी बैकड्रॉप में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) का ताजा बयान से पता चलता है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने वाला है।

विदेशी निवेशकों पर RBI गवर्नर ने जताया भरोसा

न्यूज चैनल NDTV प्रॉफिट के साथ एक इंटरव्यू में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि इनफ्लो हर साल एक जैसा नहीं हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर, भारत को बैंकिंग, टेक्नोलॉजी और बड़े पैमाने पर इकॉनमी में अच्छी क्वालिटी के इन्वेस्टमेंट मिलते रहने चाहिए। भारत ने फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेक्टर में कई बड़ी डील्स देखी हैं, जिसके कारण विदेशों से काफी पूंजी आई है।

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उन्होंने बताया कि घरेलू डिमांड, मजबूत बैलेंस शीट और लॉन्ग टर्म ग्रोथ की वजह से ग्लोबल इन्वेस्टर्स भारत में भरोसा दिखा रहे हैं। गवर्नर के मुताबिक ये निवेश शॉर्ट टर्म मुनाफे के लिए नहीं बल्कि लंबे समय की रणनीति के तहत आ रहे हैं। यही वजह है कि इसे हॉट मनी की जगह पेशेंट कैपिटल माना जा रहा है।

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कई फाइनेंशियल डील्स हुईं - RBI गवर्नर

गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि पिछले साल भारत के प्राइवेट फाइनेंशियल सेक्टर में कई मेगा डील्स हुईं। इसमें एमिरेट्स एनबीडी (Emirates NBD) ने आरबीएल बैंक (RBL Bank) में 3 अरब डॉलर में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदी। प्राइवेट इक्विटी फर्म ब्लैकस्टोन (Blackstone) ने फेडरल बैंक (Federal Bank) में 705 मिलियन डॉलर में 9.9 फीसदी फीसदी स्टेक लिया। अबू धाबी की आईएचसी (IHC) ने सम्मन कैपिटल (Samman Capital) में बड़ी हिस्सेदारी खरीदी। मल्होत्रा ​​ने आगे कहा कि यह इनफ्लो एक साल में किए गए काम का नतीजा नहीं है, बल्कि यह कई सालों की मिली-जुली कोशिशों का नतीजा है, जिससे बैंकों और नॉन-बैंक फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) को मज़बूती मिली है।

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डील के लिए नियमों में नहीं हुआ कोई बदलाव

मल्होत्रा ​​ने कहा कि सिर्फ़ 2025 में, प्राइवेट फाइनेंशियल एंटिटीज़ में लगभग $15 बिलियन का कमिटेड या असल इन्वेस्टमेंट आया, जो सिस्टम में भरोसे को दिखाता है।" मल्होत्रा ने कहा कि RBI ने इस इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए कोई रेगुलेटरी नियम नहीं बदले हैं, और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया भी पहले जैसा ही है। मल्होत्रा ​​के अनुसार, भारत की ग्रोथ स्टोरी बरकरार है। उन्होंने कहा, "हमने पहले छह महीनों में 8% की ग्रोथ की, इस साल 7.4% और अगले साल लगभग 7% ग्रोथ का अनुमान लगाया है। कैपिटल की डिमांड मज़बूत बनी रहेगी।"

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