
Indian Economy Growth: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिका के हाई टैरिफ और अंतरराष्ट्रीय बाजार की उथल-पुथल के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (India Ratings & Research - Ind-Ra) ने अपने ताजा अनुमान में कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP 7.2% की दर से बढ़ सकती है। एजेंसी ने कहा कि इस वृद्धि का मुख्य कारण निजी खपत होगा। बता दें कि अप्रैल-जून में वास्तविक जीडीपी की वृद्धि दर पांच तिमाहियों में सबसे तेज 7.8 फीसदी रही थी, जबकि 2024-25 की दूसरी तिमाही में यह 5.6 फीसदी की रफ्तार से बढ़ी थी।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (National Statistical Office - NSO) वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के लिए आधिकारिक जीडीपी आंकड़े 28 नवंबर को जारी करने वाला है। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत की वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP), जो 2011-12 के आधार वर्ष पर मापी जाती है, पिछले पांच तिमाहियों में सबसे तेज रफ्तार से बढ़ेगी।
रेटिंग एजेंसी ने कहा कि उसे उम्मीद है कि वित्तवर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर सालाना आधार पर 7.2 फीसदी पर मजबूत बनी रहेगी। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च के अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक पारस जसराय (Paras Jasrai) ने कहा कि निजी खपत (Private Consumption) में वृद्धि GDP ग्रोथ का प्रमुख कारण है। उच्च और निम्न आय वर्ग दोनों की वास्तविक आय में सुधार देखने को मिला है, जिससे मांग बढ़ी है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मजबूत स्थिति, माल और सेवा निर्यात में बढ़ोतरी और सेवा क्षेत्र की मजबूती से भी दूसरी तिमाही में बढ़ोतरी की संभावना है।
रेटिंग एजेंसी का कहना है कि वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में निजी खपत में 8% वृद्धि का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष की पहली तिमाही में यह 7% और दूसरी तिमाही में 6.4% थी। बजट में घोषित आयकर कटौती से भी मांग में इजाफाहुआ है। दूसरी तिमाही में निवेश की मांग सालाना आधार पर 7.5 फीसदी की मजबूत दर से बढ़ी है। इसमें सरकारी पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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