Gig Workers Strike: स्विगी, ज़ोमैटो, ज़ेप्टो, ब्लिंकिट, एमेजॉन और फ्लिपकार्ट जैसे बड़े फ़ूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के डिलीवरी वर्कर्स (Gig Worker Strike) ने देशवासियों को बड़ा झटका दिया है। इन लोगों ने वेतन संबंधी अन्य मांगों को लेकर 25 दिसंबर और 31 दिसंबर 2025 को पूरे भारत में हड़ताल का ऐलान किया है। यूनियन का कहना है कि गिग इकॉनमी में काम करने की स्थिति खराब हो रही है।
CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार, तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स ने यह हड़ताल बुलाई है। माना जा रहा है कि इसमें मेट्रो और बड़े टियर-2 शहरों के डिलीवरी पार्टनर हिस्सा लेंगे। हालांकि, यह तय नहीं है कि अन्य महानगरों में भी गिग वर्कर्स हड़ताल पर हैं। उन्होंने मज़दूरी, सुरक्षा, नौकरी की सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई।
गिग वर्कर्स यूनियन ने बयान में क्या कहा?
एक बयान मेंयूनियनों ने कहा कि डिलीवरी वर्कर लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स की रीढ़ हैं, खासकर पीक डिमांड और त्योहारी सीजन के दौरान काम करते हैं। उनकी कमाई गिर रही है औ वे लंबे और अनिश्चित काम के घंटे, असुरक्षित डिलीवरी टारगेट, मनमाने ढंग से ID ब्लॉक करने और बेसिक वेलफेयर और सोशल सिक्योरिटी सुरक्षा की कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
गिग वर्कर्स की 5 बड़ी मांगें
1. पारदर्शी और सही सैलरी स्ट्रक्चर
2. 10-मिनट डिलीवरी” मॉडल को वापस लेना
3. बिना सही प्रोसेस के अकाउंट ब्लॉक करने पर रोक
4. बेहतर सेफ्टी गियर और एक्सीडेंट इंश्योरेंस
5. भेदभाव के बिना पक्का काम मिलना
जानिए कौन होते हैं गिग वर्कर्स
सर्विस सेक्टर में अस्थायी तौर पर काम करने वालों और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए सामानों की डिलीवरी करने वालों को गिग वर्कर कहा जाता है। नए लेबर कोड में अब डिलीवरी करने वाले और कैब चलाने वाले वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा, हेल्थ इंश्योरेंस और वेलफेयर फंड जैसे अधिकार मिलेंगे।