हवाई सफर करने वालों और एयरलाइन कंपनियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। भारत सरकार ने देश के बड़े एयरपोर्ट्स को आदेश दिया है कि वे विमानों की लैंडिंग और पार्किंग से जुड़े कुछ शुल्कों (Charges) में 25% की भारी कटौती करें। यह फैसला अगले तीन महीनों के लिए लागू किया गया है। इस कदम से उन एयरलाइन कंपनियों को बड़ी मदद मिलेगी, जो ईरान युद्ध और बढ़ते खर्चों की वजह से आर्थिक दबाव का सामना कर रही थीं। इसका इनडायरेक्ट फायदा हवाई यात्रियों को भी मिल सकता है, क्योंकि ऐसा होने से कंपनियों की लागत घटेगी और किराये में बढ़ोतरी की संभावना कम हो सकती है।
यह आदेश एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक्स रेगुलेटरी अथॉरिटी की ओर से प्रमुख हवाई अड्डों पर लागू किया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ( AAI) के गैर-प्रमुख हवाई अड्डों पर भी यही 25 फीसदी छूट लागू होगी। इस फैसले से एयरलाइन्स को लगभग ₹400 करोड़ की राहत मिलने का अनुमान जताया गया है। भविष्य में अगर एयरपोर्ट्स को नुकसान होता है, तो उसकी भरपाई अगले 5 साल के टैरिफ निर्धारण अवधि में की जाएगी।
नागरिक विमानन मंत्रालय ने जारी किया बयान
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक विमानन संचालन प्रभावित हुआ है, लेकिन भारत का घरेलू विमानन क्षेत्र अभी भी मजबूत बना हुआ है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य हवाई यात्रा को आम लोगों के लिए सस्ती और आसान बनाना है। मुश्किल वैश्विक हालात के बावजूद सरकार ने कोशिश की है कि फ्लाइट रद्द होने और ईंधन की बढ़ती कीमतों का असर घरेलू एयरलाइनों पर कम पड़े।
सरकार की पैनी नजर
नायडू ने बताया कि वैश्विक स्तर पर विमान ईंधन की कीमतों में 100 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि देखी गई है, लेकिन सरकार ने घरेलू स्तर पर इसका बहुत सीमित असर होने दिया है। एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने भविष्य में टैरिफ निर्धारण के दौरान एडजस्टमेंट का विकल्प खुला रखा है। मंत्रालय लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है। जरूरत पड़ने पर भविष्य में और भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।