नई दिल्ली: जुलाई 2026 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से सरकार की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरेलू कारोबार में तेजी और आयात पर अधिक कर वसूली की वजह से जीएसटी संग्रह पहली बार 2.11 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया। सरकार की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2026 में सकल जीएसटी संग्रह 2,11,205 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल जुलाई के मुकाबले 15.4 प्रतिशत अधिक है। जुलाई 2025 में सरकार को जीएसटी से 1.83 लाख करोड़ रुपये की आय हुई थी। वहीं, जून 2026 में यह आंकड़ा करीब 1.95 लाख करोड़ रुपये था। यानी जून की तुलना में भी जुलाई में कर संग्रह में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली।
मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि जुलाई में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) के रूप में 39,835 करोड़ रुपये जुटाए गए। वहीं, राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) से 47,881 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। सबसे अधिक योगदान एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) का रहा, जिससे सरकार को 1.23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की आय हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू बाजार में कारोबार बढ़ने, आयात में तेजी और टैक्स अनुपालन में सुधार का असर जीएसटी संग्रह पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ता कर संग्रह यह भी संकेत देता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और सरकार के राजस्व में भी लगातार सुधार हो रहा है।
सरकार ने इस दौरान कारोबारियों को टैक्स रिफंड भी जारी किया। जुलाई में कुल रिफंड 29,968 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 13.1 प्रतिशत अधिक है। रिफंड बढ़ने से यह भी संकेत मिलता है कि निर्यातकों और अन्य पात्र कारोबारियों को समय पर राहत देने की प्रक्रिया जारी है।
अगर रिफंड की राशि को कुल संग्रह से घटा दिया जाए, तो जुलाई 2026 में सरकार का शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.81 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि टैक्स संग्रह मजबूत बना हुआ है और सरकार की आय में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।