Thali Price: देशभर में रसोई का बजट एक बार फिर से बिगड़ गया है। जून 2026 में घर पर बनने वाली वेज और नॉनवेज थाली की लागत में बंपर इजाफा हुआ है। इसकी वजह लगातार बढ़ते खाद्य पदार्थों के दामों के कारण है। बढ़े हुए थाली के दाम पिछले पांच महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। क्रिसिल इंटेलिजेंस की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक टमाटर, प्याज, आलू, खाद्य तेल और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी कीमतों ने आम परिवारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला है।
जून में वेज थाली की कीमत ₹28.4 थी। वहीं मई में इसके दाम ₹27.4 थे। यानी एक महीने में 4 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं, जून 2025 के मुकाबले यह 5% महंगी हो गई। इधर अगर नॉनवेज थाली की बात करें तो इसकी कीमत 58.2 रुपये रही, जो मई में 56.5 रुपये थी। इसमें मासिक आधार पर 3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और सालाना आधार पर 6 फीसदी महंगी हुई है।
टमाटर हुआ लाल
जून में टमाटर की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार टमाटर के दाम एक महीने में 17% बढ़ गए।
- प्याज की कीमत में 8% वृद्धि
- आलू की कीमत में 5% वृद्धि दर्ज की गई।
इन तीनों सब्जियों का सीधा असर घर की थाली की लागत पर पड़ा।
खाद्य तेल और गैस सिलेंडर ने भी बढ़ाई परेशानी
सब्जियों के अलावा खाद्य तेल और एलपीजी सिलेंडर भी महंगे हुए हैं। इसमें
- खाद्य तेल की कीमतों में सालाना आधार पर 10% बढ़ोतरी हुई
- LPG सिलेंडर की कीमतों में भी 10% वृद्धि हुई।
वेज थाली क्यों हुई महंगी
वेज थाली की लागत मुख्य रूप से सब्जियों पर निर्भर करती है। इसमें टमाटर, प्याज और आलू जैसे उत्पादों की कीमतों में तेजी आने से वेज थाली की लागत तेजी से बढ़ी। हालांकि आलू की कीमतों में सालाना आधार पर 14% की गिरावट ने कुछ राहत जरूर दी, लेकिन टमाटर और प्याज ने इस गिरावट की भरपाई कर दी।
नॉन-वेज थाली क्यों हुई महंगी?
नॉनवेज थाली की लागत में चिकन की कीमतों की अहम भूमिका होती है। क्रिसिल के अनुसार ब्रॉयलर चिकन मांसाहारी थाली की कुल लागत का लगभग 50% हिस्सा होता है। जून में चिकन की कीमतों में मजबूती और अन्य खाद्य सामग्री के महंगे होने से मांसाहारी थाली भी महंगी हुई।
पिछले साल के मुकाबले कितना बढ़ा खर्च?
जून 2025 की तुलना में जून 2026 में:
- शाकाहारी थाली 5% महंगी हुई
- मांसाहारी थाली 6% महंगी हुई
यह दर्शाता है कि खाद्य महंगाई का असर लगातार बना हुआ है और आम परिवारों का मासिक भोजन खर्च बढ़ रहा है।
आम परिवारों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है।
- रोजाना भोजन खर्च बढ़ता है
- मासिक रसोई बजट बिगड़ता है
- बचत कम होती है
- घरेलू महंगाई बढ़ती है
ऐसे में खाद्य महंगाई का सीधा असर करोड़ों परिवारों की जेब पर पड़ता है।