
दुनिया एक बार फिर अनिश्चित दौर से गुजर रही है। ट्रेड वॉर का खतरा, जियो-पॉलिटिकल तनाव और ग्लोबल सप्लाई चेन पर दबाव भारत की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रहा है। ऐसे माहौल में हर किसी की नजर आने वाले बजट 2026 पर टिकी है। क्या सरकार राहत देगी, खर्च बढ़ाएगी या सुधारों का रास्ता चुनेगी? भारत के आर्थिक इतिहास में पहले भी ऐसे मौके आए हैं, जब संकट के बीच पेश हुए बजट ने देश की दिशा बदल दी। चाहे साल 1991 का आर्थिक संकट हो या 2008 की वैश्विक मंदी और 2020 का कोविड दौर, तीनों बड़े उदाहरण हैं।
भारत 1991 में गंभीर भुगतान संतुलन संकट में फंसा था। विदेशी मुद्रा भंडार इतना गिर चुका था कि कुछ हफ्तों का आयात भी मुश्किल था। उस साल के बजट ने सब्सिडी में कटौती, रुपये के अवमूल्यन और लाइसेंस-परमिट राज को खत्म करने का रास्ता खोला। यह दर्दनाक था, लेकिन इसी बजट से उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की शुरुआत हुई। संकट को मौके में बदलने का यह सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है।
साल 2008 की वैश्विक मंदी ने दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को हिला दिया। भारत में 2009-10 का बजट आया, जिसमें सरकार ने फिस्कल स्टिमुलस का रास्ता चुना। इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ाया गया, टैक्स में राहत दी गई और मांग को सपोर्ट करने की कोशिश हुई। घाटा बढ़ा, लेकिन अर्थव्यवस्था को झटके से बचाने में यह बजट अहम साबित हुआ।
कोविड लॉकडाउन के बीच पेश बजट 2020-21 अभूतपूर्व था। अर्थव्यवस्था ठप थी, नौकरियां खतरे में थीं। सरकार ने सीधे बजट से ज्यादा ‘आत्मनिर्भर भारत पैकेज’ के जरिए राहत दी। फ्री राशन, MSME सपोर्ट, क्रेडिट गारंटी और स्वास्थ्य खर्च बढ़ाया गया।
अभी जब दुनिया ट्रेड वॉर के दौर से गुजर रही है, ऐसे में भारत का बजट पूरी तरह संतुलन साधने वाला हो सकता है। सरकार से उम्मीद है कि वह एक तरफ फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखेगी, तो दूसरी तरफ घरेलू उद्योग, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात को सपोर्ट करने के लिए टारगेटेड राहत देगी। कस्टम ड्यूटी में चयनात्मक बदलाव, MSME और निर्यातकों के लिए सस्ती फाइनेंसिंग और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करने पर जोर दिख सकता है। साथ ही सप्लाई चेन शिफ्ट के मौके को भुनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स पर खर्च बढ़ाया जा सकता है। कुल मिलाकर यह बजट बड़े लोकलुभावन ऐलानों से ज्यादा रणनीतिक और लॉन्ग टर्म सोच वाला नजर आ सकता है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.