HP Layoff: दुनिया की टॉप टेक कंपनियों में छंटनी की लहर लगातार तेज होती जा रही है। एप्पल के बाद अब एचपी ने बड़े पैमाने पर पद खत्म करने की घोषणा की है। AI को लेकर कंपनियां अपने वर्कफोर्स में तेजी से कटौती कर रही हैं और एआई को शामिल कर रही हैं। अब दिग्गज टेक कंपनी HP ने बड़ी कटौती का ऐलान किया है। HP ने साल 2028 तक 6000 कर्मचारियों को जॉब से निकालने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद, HP के शेयर एक्सटेंडेड ट्रेडिंग में 5.5% गिर गए।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में AI ड्रिवन बिजनेस मॉडल के कारण यह संकट और ज्यादा हो सकता है। CEO एनरिक लोरेस ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंटरनल ऑपरेशन और कस्टमर सपोर्ट में शामिल टीमों पर इस छंटनी का असर पड़ेगा। लोरेस ने आगे कहा, "हमें उम्मीद है कि इस पहल से तीन सालों में एक अरब डॉलर की सेविंग करना चाहते हैं।"
6000 लोगों की जाएगी नौकरी
HP Inc. ने पुष्टि की है कि वह अगले तीन साल में 4,000 से 6,000 नौकरियों को खत्म करेगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम बड़े AI-ड्रिवन रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत प्रोडक्ट डेवलपमेंट, इंटरनल ऑपरेशंस और कस्टमर सपोर्ट टीमों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। इससे पहले भी HP ने इस साल 2,000 लोगों को निकाला था। यह आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को अपनाने के कंपनी के प्लान का हिस्सा है। मकसद ऑपरेशंस को आसान बनाना, प्रोडक्ट डेवलपमेंट में तेजी लाना, कस्टमर सैटिस्फैक्शन बेहतर बनाना और प्रोडक्टिविटी बढ़ाना है।
अक्टूबर तिमाही का रेवेन्यू 14.64 अरब डॉलर
HP का अक्टूबर तिमाही का रेवेन्यू 14.64 अरब डॉलर था। LSEG के इकट्ठा किए गए डेटा के मुताबिक, HP को वित्त वर्ष 2026 में हर शेयर का एडजस्टेड प्रॉफिट 2.90 से 3.20 डॉलर के बीच रहने की उम्मीद है। यह एनालिस्ट्स के 3.33 डॉलर के एवरेज अनुमान से कम है। HP को उम्मीद है कि पहली तिमाही में हर शेयर का एडजस्टेड प्रॉफिट 73 सेंट से 81 सेंट के बीच रहेगा। और मिडपॉइंट 79 सेंट के अनुमान से कम रहेगा।
एप्पल ने भी नौकरियों पर चलाई कैंची
इसी हफ्ते Apple Inc. ने भी बिना ज्यादा शोर-शराबे के सेल्स टीम में छंटनी की है। कंपनी ने बिजनेस, स्कूल, सरकारी एजेंसियों के सेगमेंट से जुड़े दर्जनों सेल्स रोल खत्म कर दिए हैं। रिपोर्टस के अनुसार, अकाउंट मैनेजर्स, ब्रीफिंग सेंटर में प्रोडेक्ट डेमाे संभालने वाले स्टाफ पर पड़ा है।
2025 में अब तक 1 लाख से ज्यादा नौकरियां गईं, क्यों बढ़ा संकट
Layoffs.fyi के अनुसार, 2025 में अब तक 218 कंपनियां 112,732 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल चुकी हैं। जनवरी से शुरू हुआ यह ट्रेंड अप्रैल में सबसे तेज रहा, जब 24,500 नौकरियां एक ही महीने में खत्म हुईं। कंपनियों का कहना है कि AI और ऑटोमेशन की वजह से पुराने रोल्स की जरूरत कम हो रही है। इसके अलावा ग्लोबल इकोनॉमी की सुस्ती और लागत कंट्रोल की जरूरत ने छंटनी को और तेज कर दिया है।