India-Nepal Relations: भारत-नेपाल के रिश्तों को मिली नई मजबूती, अब UPI से होगा सीमा पार पैसा ट्रांसफर

India-Nepal Relations: भारत और नेपाल के बीच सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। हालिया बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और ऐसी पहल शुरू की गई, जिसका असर सीधे आम लोगों तक पहुंच सकता है। दोनों देशों ने भविष्य में साझेदारी और बढ़ाने की बात कही है।

Priya Shandilya
अपडेटेड7 Jun 2026, 10:00 PM IST
भारत और नेपाल के बीच बड़ा समझौता, डिजिटल पेमेंट में बढ़ेगा सहयोग
भारत और नेपाल के बीच बड़ा समझौता, डिजिटल पेमेंट में बढ़ेगा सहयोग(ANI)

India-Nepal Relations: भारत और नेपाल का रिश्ता सिर्फ दो सरहदों का नहीं, बल्कि सदियों पुराने रोटी-बेटी और साझा संस्कृति का है। इसी आपसी तालमेल को एक नए मुकाम पर ले जाते हुए दोनों देशों ने मिलकर एक बेहद शानदार शुरुआत की है। नई दिल्ली में भारत और नेपाल के बीच हुई बैठक में न सिर्फ कई पुराने समझौतों को आगे बढ़ाया गया, बल्कि दोनों देशों के आम नागरिकों की सहूलियत के लिए डिजिटल तकनीक से जुड़ी एक नई व्यवस्था भी शुरू की गई।

UPI और NPI के बीच हुआ बड़ा समझौता

शनिवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के बीच दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत हुई। इस बैठक की सबसे बड़ी बात यह रही कि दोनों देशों ने मिलकर 'क्रॉस-बॉर्डर पर्सनल रेमिटेंस' यानी सरहद पार पैसे ट्रांसफर करने के एक नए डिजिटल सिस्टम की शुरुआत की है।

इसके तहत भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस (NPI) को आपस में जोड़ दिया गया है। इसे पीयर-टू-पीयर (P2P) लिंकेज कहा जा रहा है। इसका सीधा फायदा उन लाखों लोगों को मिलेगा जो भारत या नेपाल में रहकर काम करते हैं और अपने घर पैसे भेजते हैं। अब उन्हें बैंक या किसी एजेंट के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि वे सीधे अपने मोबाइल से तुरंत और सुरक्षित तरीके से पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार दोनों नेताओं ने विकास सहयोग, कनेक्टिविटी, व्यापार, ट्रांजिट, ऊर्जा और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत बनाने जैसे कई अहम विषयों पर बातचीत की। इसके अलावा क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में अब तक हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और सहयोग को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।

नेपाल के लिए बनेगा लैंग्वेज ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म

इस बैठक में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान भारत के 'डिजिटल इंडिया भाषिनी' और नेपाल की 'काठमांडू यूनिवर्सिटी' के बीच एक खास समझौते (MoU) पर दस्तखत किए गए।

इसके तहत नेपाल में एक 'वॉइस फर्स्ट' (आवाज आधारित) लैंग्वेज ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म के लिए नेशनल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। यह सिस्टम वहां की भाषाओं को आसानी से ट्रांसलेट करने में मदद करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच संवाद और आपसी संपर्क और भी बेहतर हो सकेगा। इसके अलावा दोनों देशों ने स्टार्टअप्स, डिजिटल और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में ट्रेनिंग और क्षमता बढ़ाने की कोशिशों को और तेज करने का फैसला किया है।

नेपाल को सौंपी गईं 72 स्वास्थ्य सुविधाएं

भारत और नेपाल ने मिलकर सीमा पार होने वाले अपराधों पर रोक लगाने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों के बीच 'आपराधिक मामलों में पारस्परिक कानूनी सहायता समझौते' (MLAA) से जुड़ी सभी अंदरूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और अब यह कानून लागू होने के लिए तैयार है। इससे दोनों देशों की पुलिस और अदालतों को उन अपराधियों को पकड़ने, उन पर केस चलाने और जांच करने में मदद मिलेगी जो अपराध करके सरहद के इस पार या उस पार छिप जाते हैं।

इसके अलावा, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नेपाल को एक और बड़ा तोहफा दिया। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने वहां पुनर्निर्माण में मदद का वादा किया था। उसी कार्यक्रम के तहत भारत ने नेपाल में तैयार की गईं 72 स्वास्थ्य सुविधाएं और 12 सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पूरे करके आधिकारिक तौर पर नेपाल सरकार को सौंप दिए हैं।

दोनों नेताओं ने क्या कहा?

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हैं और उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से भी मुलाकात की है। बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत और नेपाल का रिश्ता बहुत खास है, जो लोगों के आपसी जुड़ाव, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक परंपराओं पर टिका है। आज हमारे पास इस रिश्ते को एक नई ऊंचाई पर ले जाने का बेहतरीन मौका है।

वहीं, नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भी गर्मजोशी दिखाते हुए कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने रिश्तों को सबसे ज्यादा तरजीह देता है। उन्होंने कहा, "हमारे मन में इतिहास का कोई पुराना बोझ या कड़वाहट नहीं है, हमारे पास केवल अपने सबसे महत्वपूर्ण पार्टनर और करीबी पड़ोसी के साथ रिश्तों को पूरी तरह बदलने का एक मजबूत संकल्प है।"

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