India Forex Reserve: वैश्विक अनिश्चितताओं और डॉलर की उठापटक के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय बाद फॉरेक्स रिजर्व ने ऐसा उछाल दिखाया है, जिसने न सिर्फ अर्थव्यवस्था को मजबूत संकेत दिए हैं, बल्कि बाजार के भरोसे को भी नई ताकत दी है।
700 अरब डॉलर के पार पहुंचा भंडार
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों और सोने के भंडार में तेज बढ़त के चलते देश का विदेशी मुद्रा भंडार 16 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 14.17 अरब डॉलर बढ़ गया। इसके साथ ही कुल भंडार 701.36 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो 17 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति फिलहाल काफी मजबूत नजर आ रही है।
मार्च के बाद सबसे बड़ी छलांग
यह स्तर 7 मार्च 2025 के बाद का सबसे ऊंचा फॉरेक्स रिजर्व माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे माहौल में विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत होना देश के लिए एक सेफ्टी कुशन की तरह काम करता है।
डॉलर ही नहीं, यूरो-येन भी साथ
इस पूरे भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) का होता है। आलोच्य सप्ताह में इसमें 9.652 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई और इसका स्तर 560.518 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इन परिसंपत्तियों में सिर्फ अमेरिकी डॉलर ही नहीं, बल्कि यूरो, जापानी येन और ब्रिटिश पाउंड जैसी मुद्राएं भी शामिल हैं, जिनका मूल्य डॉलर के मुकाबले तय होता है।
सोने ने भी तोड़ा रिकॉर्ड
देश के स्वर्ण भंडार ने भी इस हफ्ते शानदार प्रदर्शन किया। इसमें 4.623 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और कुल सोना भंडार 117.454 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह दिखाता है कि अनिश्चित वैश्विक हालात में सोना अब भी एक भरोसेमंद संपत्ति बना हुआ है।
इसमें दिखी हल्की गिरावट
हालांकि सभी घटकों में बढ़त नहीं रही। स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में 3.5 करोड़ डॉलर की कमी आई और यह 18.704 अरब डॉलर रह गया। वहीं, इंटरनेशनल मोनेटरी फंड के पास रखा गया आरक्षित निधि भी 7.3 करोड़ डॉलर घटकर 4.684 अरब डॉलर पर आ गया।