भारत ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ इतिहास का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता किया: प्रधानमंत्री मोदी

भारत और यूरोपीय संघ ने व्यापार समझौते को लेकर 18 वर्ष पहले शुरू बातचीत आज आधिकारिक रूप से पूरी कर ली। दोनों पक्षों ने इस संबंध में दस्तावेज पर दस्तखत कर दिए। अब दोनों पक्षों के बीच बनी सहमतियों को लागू करने के लिए कानूनी खाका तैयार किया जाएगा।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड27 Jan 2026, 03:13 PM IST
ईयू के शीर्ष अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस।
ईयू के शीर्ष अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस।(REUTERS)

भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) वार्ता के समापन की घोषणा करने वाले दस्तावेज पर मंगलवार को हस्ताक्षर किए। भारत और यूरोपीय संघ ने सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी समझौते के साथ ही आवागमन के लिए व्यापक ढांचा तैयार करने से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए।

पीएम मोदी और ईयू अधिकारियों की महाबैठक

नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और ईयू के अधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईयू कमिशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वोन डेर लेयेन एवं ईयू काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा भी शामिल रहे।

भारत ने इतिहास का सबसे बड़ा एफटीए किया: मोदी

बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत ने आज 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ अपना अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं बल्कि साझा समृद्धि का एक नया खाका है।

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ट्रेड डील भारत-ईयू दोनों के लिए फायदेमंद: ईयू चीफ

वहीं, ईयू चीफ उर्सुला वोन डेर लेये ने इस भारत-ईयू एफटीए को दोनों पक्षों के लिए हितकारी बताया। उन्होंने कहा कि इस दुनिया की दो विशाल अर्थव्यवस्थाओं की बीच हुआ यह समझौता भारी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

भारत-ईयू एफटीए बहुत बड़ी बात: एक्सपर्ट

जियोजीत इन्वेस्टमेंट में मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते को बड़ा प्रभावकारी बताया। हालांकि, उन्होंने यह भी सलाह दी कि भारत को अमेरिका के साथ ट्रेड डील को भी जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए। वीके विजयकुमार ने कहा, ‘भारत और यूरोपियन यूनियन मिलकर दुनिया की 25% जीडीपी और 33% वैश्विक व्यापार कवर करते हैं। इनके बीच हुआ एफटीए बहुत बड़ी घटना है, खासकर भारत-अमेरिका के बीच टल रहे व्यापर समझौते के मद्देनजर। उन्होंने कहा, ’एक बात और ध्यान रखने योग्य है कि भारत-ईयू के बीच की यह ट्रेड डील भी अगले वर्ष 2027 से लागू हो पाएगी।'

अमेरिका के साथ ट्रेड डील को अंजाम तक पहुंचाने की होती रहे कोशिश: एक्सपर्ट

उन्होंने कहा, ‘भारत-ईयू डील को भारत-अमेरिका डील का विकल्प नहीं मानना चाहिए। यह समझना बहुत महत्वपूर्ण है कि अमेरिका के साथ व्यापार में भारत का 45 अरब डॉलर का सरप्लस है लेकिन ईयू के साथ सिर्फ 25 अरब डॉलर का। इसलिए भारत-ईयू डील की खुशी मनाते हुए भी हमें अमेरिका के साथ ट्रेड डील फाइनल करने को कोशिशें जारी रखनी चाहिए।’

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