संचार मंत्रालय के तहत आने वाला डाक विभाग यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) के फैसलों के अनुसार 1 जनवरी से चुनिंदा आउटवर्ड इंटरनेशनल लेटर मेल सेवाओं को बंद करने की तैयारी कर रहा है। सरकार ने कहा कि इन सुधारों का मकसद पोस्टल सेवाओं को बदलते ग्लोबल ई-कॉमर्स स्टैंडर्ड के साथ जोड़ना है। इसके साथ ही कस्टमर एक्सपीरियंस, सर्विस की विश्वसनीयता, ट्रैक करने की सुविधा, कस्टम्स कंप्लायंस और सिक्योरिटी को बेहतर बनाना भी है।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, सर्विस बेहतर बनाने की कवायद के तहत, डाक विभाग ने कुछ अंतरराष्ट्रीय लेटर पोस्ट सेवाओं को तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है। इस लिस्ट में खास तौर पर वे सेवाएं शामिल हैं जिनमें ट्रैकिंग की सुविधा नहीं है या सीमित है, और ज़्यादा कुशल, जवाबदेह और ग्राहक-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना है।
ये अंतरराष्ट्रीय लेटर मेल सेवाएं होंगी बंद
1. यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन के निर्णयों के अनुसार रजिस्टर्ड स्मॉल पैकेट सेवाएं बंद हो जाएंगी।
2. बाहरी देशों में समुद्री या हवाई मार्ग से भेजे जाने वाली छोटे पैकेट सेवा और अन्य सामग्री भेजने की सुविधा बंद हो जाएगी।
3. बाहरी डाक वस्तुओं के लिए सरफेस लेटर मेल सर्विस और सरफेस एयर लिफ्टेड (एसएएल) लेटर मेल सर्विस बंद हो जाएगी।
ऐसी सर्विस क्यों हुई बंद
सरकार ने छोटे पैकेट सेवाओं में सीमित या कोई ट्रैकिंग न होना, डिलीवरी में ज़्यादा समय लगना, डेस्टिनेशन देशों में बढ़ते कस्टम और सुरक्षा नियम, और कई विदेशी पोस्टल एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा ऐसी चीज़ों को कम स्वीकार करने जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए यह कदम उठाया है।
डाक विभाग ने दी सफाई
डाक विभाग ने स्पष्ट है कि यह उपाय सर्विस क्वालिटी में सुधार की दिशा में सकारात्मक कदम है। यह निर्यातकों या ग्राहकों के विकल्पों को सीमित नहीं करेगा। इन उपायों के बाद, डाक पंजीकरण केवल हवाई मार्ग से बुक किए गए दस्तावेजी सामग्रियों के लिए ही उपलब्ध होंगे, जो पत्र, पोस्टकार्ड, मुद्रित कागज, एयरोग्राम, ब्लाइंड लिटरेचर और एम-बैग जैसी श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं।