Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत यात्रा पर गुरुवार को दिल्ली आ रहे हैं। उनकी ये यात्रा कई मायनों में खास होगी। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरु होने के बाद पुतिन पहली बार भारत आ रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात और 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेने के अलावा पुतिन दिल्ली में कई अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। इस बीच पुतिन के भारत पहुंचने से पहले दोनों देशों के बीच बड़ी डिफेंस डील की खबर सामने आई है। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में न्यूज़ एजेंसी ब्लूमबर्ग के हवाले से कहा गया है कि भारत और रूस के बीच 2 अरब डॉलर (करीब 16,700 करोड़ रुपये) की न्यूक्लियर सबमरीन डील फाइनल हो गई है।
करीब 10 साल से इस डील को अंतिम रूप देने पर बात चल रही थी। दोनों देश इस सौदे पर सहमत हो गए हैं और भारतीय अधिकारी अगले साल नवंबर में एक रूसी शिपयार्ड का दौरा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि कीमत को लेकर मतभेदों की वजह से लीज़ पर बातचीत बार-बार रुकी रही थी। नाम न छापने की शर्त पर एक सूत्र ने कहा कि बातचीत बेहद गोपनीय थी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने अब शर्तों को फाइनल कर दिया है। भारतीय अधिकारी नवंबर में एक रूसी शिपयार्ड में सबमरीन प्रोडक्शन फैसिलिटी में प्रोग्रेस का रिव्यू करने गए थे।
2 साल में मिलेगा सबमरीन जहाज
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, भारत ने उम्मीद जताई है कि अगले दो साल में सबमरीन जहाज मिल जाएगा। हालांकि प्रोजेक्ट की टेक्निकल मुश्किलों की वजह से टाइमलाइन में देरी हो सकती है। भारत चाहता है कि उसे यह न्यूक्लियर सबमरीन साल 2027 तक मिल जाए। न्यूक्लियर पावर वाली सबमरीन को डीजल-इलेक्ट्रिक जहाज़ों के मुकाबले कहीं ज़्यादा एडवांस्ड माना जाता है क्योंकि वे ज़्यादा देर तक पानी में रह सकतीे हैं। वे आम तौर पर बड़े होते हैं। ज्यादा देर तक पानी में डूबे रह सकते हैं और शांत होते हैं। ऐसे में उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है। इससे हिंद और प्रशांत महासागरों के बड़े इलाकों में पेट्रोलिंग करना आसान हो जाता है।
एग्रीमेंट में क्या- क्या शामिल
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि लीज की शर्तों के तहत, रूसी अटैक सबमरीन का इस्तेमाल युद्ध में नहीं किया जा सकेगा। इस सबमरीन को भारत की नौसेना का ट्रेनिंग देने और न्यूक्लियर-बोट ऑपरेशन को बेहतर बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। रूस का लीज पर लिया गया जहाज 10 साल तक भारत की नेवी के पास रहेगा। लीज के कॉन्ट्रैक्ट में सबमरीन के मेंटेनेंस भी शामिल होगा। इससे पहले 2012 में रूस से आईएनएस चक्र सबमरीन 10 वर्षों के लिए लीज पर ली थी। इस सबमरीन जहाज से पाकिस्तान और चीन की नींद उड़ सकती है।