भारत में बन रहे सेमीकंडक्टर चिप, 3 प्लांट में शुरू हुआ उत्पादन, सेमीकॉन 2.0 के तहत 1.27 लाख करोड़ रुपये का निवेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है और अगले 7-8 वर्षों में 5 से 8 नए प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। सेमीकॉन 2.0 के तहत 1.27 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा।

Manali Rastogi( विद इनपुट्स फ्रॉम पीटीआई)
अपडेटेड15 Aug 2026, 12:32 PM IST
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सेमीकंडक्टर
सेमीकंडक्टर(JAMES PARK/BLOOMBERG NEWS)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत में तीन सेमीकंडक्टर प्लांट में उत्पादन शुरू हो चुका है। इन प्लांट से बनने वाले उत्पादों का निर्यात भी शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले सात से आठ वर्षों में देश में 5 से 8 और सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। लाल किले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा देश की बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता को दिखाती है।

सरकार ने दिसंबर 2021 में 76,000 करोड़ रुपये के बजट के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम शुरू किया था। इसका उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले बनाने का मजबूत तंत्र तैयार करना था। इसके बाद जुलाई 2026 में सेमीकॉन 2.0 को मंजूरी दी गई, जिसके लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम के तहत छह राज्यों में 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इनमें 1.64 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता है। माइक्रोन, कायन्स और सीजी सेमी ने व्यावसायिक उत्पादन शुरू कर दिया है। एक और कंपनी के 2026 में उत्पादन शुरू करने की उम्मीद है। सेमीकंडक्टर चिप इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य, परिवहन और लगभग हर आधुनिक तकनीक के लिए जरूरी है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल उत्पादन में बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन सात गुना बढ़ा है, जबकि मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या चार गुना हुई है और डिजिटल लेनदेन 100 गुना बढ़ा है। बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को बढ़ावा देने वाली उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत मोबाइल फोन क्षेत्र में करीब 96,000 करोड़ रुपये का निवेश आया है।

एप्पल, गूगल और फॉक्सकॉन जैसी बड़ी कंपनियों ने भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन शुरू किया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में स्मार्टफोन भारत का सबसे ज्यादा निर्यात होने वाला एकल उत्पाद बन गया और उसने पेट्रोलियम, रत्न एवं आभूषण को पीछे छोड़ दिया।

जुलाई 2026 में सरकार ने मोबाइल फोन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी। इसका लक्ष्य उत्पादन बढ़ाने के साथ देश में ज्यादा से ज्यादा सामान तैयार करना, आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने और वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था के लिए एक भरोसेमंद साझेदार बनने की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

एआई, क्वांटम तकनीक और 6जी पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज क्वांटम कंप्यूटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने करीब 10,372 करोड़ रुपये के बजट के साथ इंडिया एआई मिशन शुरू किया है। जून 2026 तक इसके तहत साझा कंप्यूटिंग क्षमता 45,000 से ज्यादा जीपीयू तक पहुंच गई थी। अगस्त तक 237 परियोजनाओं ने रियायती एआई कंप्यूटिंग सुविधा का इस्तेमाल किया, जिससे एआई मॉडल के विकास, प्रशिक्षण और शोध में मदद मिल रही है।

जुलाई 2026 तक सरकार ने सुरक्षित और भरोसेमंद एआई को बढ़ावा देने के लिए 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं में एआई में भेदभाव कम करने, डीपफेक पहचानने, निजी जानकारी की सुरक्षा, एआई के फैसलों को समझने और एआई से जुड़े जोखिमों का आकलन करने जैसे मुद्दों पर काम किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को अगली पीढ़ी की संचार तकनीक में नेतृत्व करना होगा। उन्होंने कहा कि देश का लक्ष्य होना चाहिए कि मेड इन इंडिया 6जी देश के हर कोने तक पहुंचे। उन्होंने युवाओं की क्षमता का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

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