India-UK FTA: भारत और ब्रिटेन के बीच जिस ऐतिहासिक व्यापार समझौते (FTA) की चर्चा लंबे समय से चल रही थी, वह अब जमीनी स्तर पर उतरने को तैयार है। इस समझौते से न केवल दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि आम आदमी की जेब और देश की इकॉनमी पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा।
कब से लागू होगा समझौता
सरकारी अधिकारी के मुताबिक, भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) मई के दूसरे सप्ताह से लागू होने की उम्मीद है। इस डील पर पिछले साल जुलाई में हस्ताक्षर किए गए थे और अब इसे लागू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। संभावना है कि इसके साथ ही दोनों देशों के बीच दूसरा अहम समझौता भी एक साथ लागू किया जाएगा।
CETA एग्रीमेंट: क्या है इस डील की खास बात
भारत और ब्रिटेन ने 24 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक और व्यापार करार (CETA) पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत भारत के 99% निर्यात को ब्रिटेन में बिना किसी शुल्क के एंट्री मिलेगी। यानी भारतीय सामान अब ब्रिटेन के बाजार में ज्यादा आसानी और सस्ते में पहुंच पाएंगे।
कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
दोनों देशों ने दोहरा योगदान संधि (DCC) पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो दोनों देशों में काम करते हैं। अब उन्हें सामाजिक सुरक्षा शुल्क (सोशल सिक्योरिटी) दो बार नहीं देना पड़ेगा, जिससे उनकी कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।
भारत को क्या फायदा होगा
इस डील के जरिए भारत को कई सेक्टर्स में बड़ा फायदा मिलने वाला है। कपड़ा, जूते-चप्पल, रत्न और आभूषण, खेल के सामान और खिलौनों जैसे उत्पादों को ब्रिटेन के बाजार में ज्यादा पहुंच मिलेगी। इससे इन सेक्टर्स में काम करने वाले उद्योगों को बड़ा बूस्ट मिल सकता है।
ब्रिटेन को क्या फायदा मिलेगा
वहीं दूसरी तरफ भारत ने भी अपने बाजार को कुछ हद तक ब्रिटिश उत्पादों के लिए खोल दिया है। चॉकलेट, बिस्किट और कॉस्मेटिक्स जैसे प्रोडक्ट्स अब भारत में ज्यादा आसानी से आ सकेंगे। इसके अलावा स्कॉच व्हिस्की पर शुल्क तुरंत 150% से घटाकर 75% कर दिया जाएगा और 2035 तक इसे 40% तक लाया जाएगा।
गाड़ियों पर भी पड़ेगा असर
वाहनों के मामले में भारत धीरे-धीरे आयात शुल्क कम करेगा। अगले पांच साल में कारों पर शुल्क 110% से घटाकर 10% तक किया जाएगा, वो भी एक तय कोटा सिस्टम के तहत। इसके बदले भारतीय कंपनियों को इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों के लिए ब्रिटेन के बाजार में एंट्री मिलेगी।
2030 तक बड़ा लक्ष्य
इस समझौते का बड़ा लक्ष्य है कि 2030 तक भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार को दोगुना कर करीब 56 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाए। अगर यह लक्ष्य हासिल होता है, तो दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा हो सकता है।
भारत-यूके एफटीए सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि व्यापार के नए दौर की शुरुआत है। इससे जहां कुछ चीजें सस्ती हो सकती हैं, वहीं कई सेक्टर्स में नए मौके भी पैदा होंगे। आने वाले समय में इसका असर धीरे-धीरे आम लोगों तक भी नजर आने लगेगा।