BESS Project: देश में बनेगा बैटरी ऊर्जा का सबसे बड़ा भंडार, दुनिया को टक्कर देगा अडानी ग्रुप

New Energy Sources: अडानी समूह गुजरात में सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम प्रोजेक्ट शुरू करेगा। यह परियोजना भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता के लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में बड़ा कदम होगा। मार्च 2026 तक एक वर्ष में ही 15 GWh स्टोरेज क्षमता जोड़ने का लक्ष्य है।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड12 Nov 2025, 07:59 PM IST
भारत में बनेगा बैटरी ऊर्जा का सबसे बड़ा भंडार
भारत में बनेगा बैटरी ऊर्जा का सबसे बड़ा भंडार(Mint)

Adani Group New Project: आज का भारत हर क्षेत्र में आत्मिनिर्भरता हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है। तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में भविष्य की जरूरतों पर भारत का पूरा फोकस है। इसी क्रम में देश में दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का सबसे बड़े प्रॉजेक्ट पर काम शुरू होने वाला है। इसकी जिम्मेदारी देश के अग्रणी उद्योग समूहों में एक अडानी ग्रुप ने ली है। अडानी समूह गुजरात के खवाड़ा में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक का निर्माण करेगा।

क्या है अडानी का नया प्रॉजेक्ट, विस्तार से जानिए

  • परियोजना का प्रकार: बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS)
  • परियोजना की क्षमता: 1,126 मेगावाट (MW)
  • ऊर्जा भंडारण क्षमता: 3,530 मेगावाट घंटा (MWh)
  • कमीशनिंग की अपेक्षित तिथि: मार्च 2026
  • भारत में स्थिति: भारत की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की स्थापना होगी।
  • वैश्विक स्थिति: एक जगह पर इतना बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम दुनिया में बहुत कम है।
  • टेक्नॉलजी: लिथियम-आयन बैटरी टेक्नॉलजी।
  • स्थान: खावड़ा, गुजरात जहां अडानी समूह का विशाल नवीकरणीय ऊर्जा परिसर है।

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पांच साल में 50 GWh तक बढ़ेगी स्टोरेज कैपिसिटी

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि यह ऐतिहासिक परियोजना न केवल वैश्विक मानदंड स्थापित कर रही है, बल्कि भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता और स्थिरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत कर रही है। बिजने स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले वर्ष 2026 के मार्च महीने में प्रॉजेक्ट शुरू होने के बाद अगले एक वर्ष में ही स्टोरेज कैपिसिटी 15 GWh बढ़ाने का लक्ष्य है। अडानी ग्रुप ने अपने पंचवर्षीय योजना के तहत यह क्षमता बढ़ाकर 50 गीगावाट घंटा करने का लक्ष्य रखा है।

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आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण

बैटरी ऊर्जा का भंडारण आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। बैटरा ऊर्जा भंडारण से ग्रिडों को रुक-रुक कर होने वाली सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन की बड़ी आमद को संतुलित करने में मदद मिलती है। ब्लूमबर्गएनईएफ के आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल बिजली क्षमता इस वर्ष लगभग 800MW तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत इस दशक के अंत तक स्वच्छ बिजली क्षमता को दोगुना करके 500GW तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है जिसे पूरा करने के लिए देश को बैटरी प्रतिष्ठानों में तेजी लाने की आवश्यकता होगी।

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