
Adani Group New Project: आज का भारत हर क्षेत्र में आत्मिनिर्भरता हासिल करने की दिशा में तेजी से कदम उठा रहा है। तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में भविष्य की जरूरतों पर भारत का पूरा फोकस है। इसी क्रम में देश में दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) का सबसे बड़े प्रॉजेक्ट पर काम शुरू होने वाला है। इसकी जिम्मेदारी देश के अग्रणी उद्योग समूहों में एक अडानी ग्रुप ने ली है। अडानी समूह गुजरात के खवाड़ा में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक का निर्माण करेगा।
अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि यह ऐतिहासिक परियोजना न केवल वैश्विक मानदंड स्थापित कर रही है, बल्कि भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता और स्थिरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत कर रही है। बिजने स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले वर्ष 2026 के मार्च महीने में प्रॉजेक्ट शुरू होने के बाद अगले एक वर्ष में ही स्टोरेज कैपिसिटी 15 GWh बढ़ाने का लक्ष्य है। अडानी ग्रुप ने अपने पंचवर्षीय योजना के तहत यह क्षमता बढ़ाकर 50 गीगावाट घंटा करने का लक्ष्य रखा है।
बैटरी ऊर्जा का भंडारण आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। बैटरा ऊर्जा भंडारण से ग्रिडों को रुक-रुक कर होने वाली सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन की बड़ी आमद को संतुलित करने में मदद मिलती है। ब्लूमबर्गएनईएफ के आंकड़ों के अनुसार, भारत की कुल बिजली क्षमता इस वर्ष लगभग 800MW तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत इस दशक के अंत तक स्वच्छ बिजली क्षमता को दोगुना करके 500GW तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है जिसे पूरा करने के लिए देश को बैटरी प्रतिष्ठानों में तेजी लाने की आवश्यकता होगी।