India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ ने मंगलवार को अपने ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा कर दी है। इस समझौते को यूरोपीय नेताओं की तरफ से 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। इस डील के बाद विदेश मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम जानकारी दी है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस पर खुशी जताते हुए कहा कि मैं 140 करोड़ भारतीय भाइयों-बहनों को बधाई देना चाहता हूं। यह FTA से कहीं ज्यादा है। यह एक गहरी साझेदारी का ऐलान है।
भारत और EU मिलकर कई क्षेत्रों में साथ आएंगे और एक बेहतर भविष्य के लिए काम करेंगे। यह यात्रा भारत-EU के बीच रणनीतिक साझेदारी में गेम-चेंजर साबित होगी और बदलाव लाएगी। गोयल ने कहा कि यह समझौता देश की वैश्विक व्यापार भागीदारी में एक रणनीतिक उपलब्धि है, जिससे 1.4 अरब लोगों के लिए 20 हजार अरब डॉलर के यूरोपीय संघ बाजार में विशाल अवसर खुलेंगे। पीयूष गोयल ने इसे 'मुश्किल सफर' बताया और कहा कि यह FTA से कहीं ज्यादा बड़ा है। यह भारत के लिए बेहद फायदेमंद है। खासकर श्रम-गहन क्षेत्रों जैसे टेक्सटाइल, कृषि और MSME को यूरोप के बाजार में आसान पहुंच मिलेगी।
दुनिया की एक तिहाई आबादी को फायदा होगा
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। यह 25% वैश्विक व्यापार वाले दोनों पक्षों की मजबूत साझेदारी का संकेत है। इससे रक्षा सहयोग बढ़ेगा। निवेश बहुत ज्यादा आएगा। इनोवेशन और साइंस में सहयोग बढ़ेगा। वित्तीय बाजारों में और एकीकरण होगा। इससे एक-तिहाई दुनिया की आबादी के लिए साझा समृद्धि और बेहतर भविष्य बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि यह ऐसा समझौता है जो हमारे निर्यात के 99 प्रतिशत से अधिक हिस्से को अभूतपूर्व बाजार पहुंच देता है, जिससे हमारे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा और ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती मिलेगी।
FTA से क्या-क्या फायदे मिलेंगे?
1. EU से भारत में आने वाले सामान पर 97% टैरिफ कम या खत्म हो जाएगा।
2. भारत से EU में जाने वाले सामान पर 99% तक टैरिफ में छूट मिलेगी।
3. कारों, वाइन, चॉकलेट, पास्ता, दवाइयां और कार पार्ट्स आदि पर बड़ी राहत मिलेगी।
4. दोनों तरफ व्यापार बढ़ेगा, नौकरियां आएंगी और अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होंगी।
16वें भारत-EU समिट में हुआ FTA
यह समझौता 16वें भारत-EU समिट में घोषित हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, EU कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और EU काउंसिल प्रेसडेंट एंटोनियो कोस्टा मौजूद थे। यूरोपीय नेताओं ने गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था।