भारत की इकोनॉमी को टैरिफ से नहीं, इससे है बड़ा खतरा, गीता गोपीनाथ ने दी चेतावनी

Indian Economy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब भारत पर टैरिफ लगाया था तो सभी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी। हालांकि इसका असर बहुत कम पड़ा। इसबीच हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत की इकोनॉमी को टैरिफ से कम प्रदूषण से ज्यादा खतरा है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड22 Jan 2026, 05:16 PM IST
Indian Economy: गीता गोपीनथ ने इकोनॉमी के मामले में चौंकाने वाला बयान दिया है।
Indian Economy: गीता गोपीनथ ने इकोनॉमी के मामले में चौंकाने वाला बयान दिया है।

Indian Economy: स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की सालाना बैठक चल रही है। इसमें भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर खूब चर्चा हो रही है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था अगले पांच साल में 6-8% और मौजूदा कीमतों पर 10-13% की दर से बढ़ती रहेगी। इसबीच एक ऐसी बात सामने आई है, जिससे भारतीयों के कान खड़े हो गए हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर और IMF की पूर्व चीफ इकोनॉमिस्ट गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रदूषण का असर अब तक भारत पर लगाए गए किसी भी टैरिफ के असर से कहीं ज़्यादा गंभीर है। उन्होंने देश में पर्यावरण खराब होने से होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान पर जोर दिया।

दरअसल, हम हवा की खराबी को सिर्फ स्वास्थ्य समस्या मान लेते हैं, लेकिन असल नुकसान अर्थव्यवस्था को होता है। प्रदूषण ऐसा दिखाई नहीं देने वाला दुश्मन बन गया है, जो न दिखता है, न हम इसे रोज गिन पाते हैं… लेकिन यह लगातार कमाई, कामकाज और ग्रोथ को चुपचाप चपत लगाने में जुटा हुआ है।

इकोनॉमी को बर्बाद करता है प्रदूषण

गोपीनाथ ने कहा कि हम आमतौर पर बिजनेस डेवलपमेंट के समय प्रदूषण की चर्चा नहीं करते हैं। लेकिन यह प्रदूषण इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण और उससे जुड़े हेल्थ इम्पैक्ट, ट्रेड बैरियर की तुलना में प्रोडक्टिविटी और पब्लिक फाइनेंस पर कहीं ज्यादा बोझ बन जाता है। उन्होंने बताया कि खराब हवा की क्वालिटी से हेल्थकेयर का खर्च बढ़ जाता है। काम के घंटे बर्बाद होते हैं, और वर्कफोर्स की एफिशिएंसी कम होती है, जिसका लंबे समय के इकोनॉमिक परफॉर्मेंस पर बहुत ज़्यादा असर पड़ता है।

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टैरिफ से ज्यादा खतरनाक है प्रदूषण - गीता गोपीनाथ

इकोनॉमी पॉलिसी पर जब भी चर्चा होती है तो टैरिफ का मुद्दा गरम रहता है। गोपीनाथ ने कहा कि पर्यावरण से जुड़े कारकों पर पॉलिसी बनाने वालों को ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इसका असर लंबे समय तक और बड़े पैमाने पर बना रहता है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण से निपटने से पब्लिक हेल्थ फायदों के साथ-साथ काफी आर्थिक फायदे भी मिल सकते हैं।

भारत में सालाना लाखों लोगों की होती है मौत

भारत में वायु प्रदूषण की वजह से हर साल 17 लाख लोगों की मौत होती है। यह कुल मौत का 18 फीसदी है। हेल्थ पर होने वाला यह बड़ा खर्च जीडीपी को सीधे तौर पर प्रभावित करता है। गोपीनाथ ने चेतावनी दी कि कोई भी विदेशी निवेशक भारत में ऑपरेशंस शुरू करने से पहले वहां के वातावरण और रहने की स्थिति को देखता है। अगर हवा जहरीली रही, तो प्रतिभा और पैसा दोनों बाहर जा सकते हैं। ऐसे में विदेशी निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है।

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अमेरिका ने भारत पर लगाया 50% टैरिफ

अमेरिका की तरफ से भारत के ऊपर 25 प्रतिशत का बेस टैरिफ लगाया गया है। जबकि अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ रूस से कच्चे तेल कम दाम पर खरीदने की वजह से लगाया गया है। इस तरह से कुल भारत पर अमेरिकी टैरिफ की दरें 50 प्रतिशत हैं। दोनों देशों के बीच अब तक कई बार ट्रेड डील पर बातचीत हुई, लेकिन अंतिम समझौता नहीं हो पाया है। अब माना जा रहा है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील अंतिम दौर में है।

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