India-Oman CEPA Agreement: फार्मा से लेकर ऑटो सेक्टर तक की चांदी, भारत-ओमान महा-समझौता आज से लागू

भारत और ओमान के बीच आर्थिक साझेदारी समझौता 1 जून से लागू होगा, जो व्यापारिक संबंधों को मजबूत करेगा और भारतीय निर्यात को बढ़ावा देगा। समझौते से भारत को ओमान में 98.08 प्रतिशत शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी।

Anuj Shrivastava
पब्लिश्ड1 Jun 2026, 08:01 AM IST
India-Oman CEPA Agreement भारत-ओमान समझौता
India-Oman CEPA Agreement भारत-ओमान समझौता

India Oman Free Trade Agreement: भारत और ओमान के बीच वृहद आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) एक जून यानी आज से लागू होने जा रहा है। दोनों देश आज ही इसकी औपचारिक घोषणा करेंगे। इस समझौते के लागू होने से भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को ओमान के बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे तथा दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे।

ये नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला पांचवां मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। इससे पहले भारत मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है। इसके अलावा भारत ने ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।

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ओमान के साथ बढ़ा व्यापार

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय व्यापार 11.18 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष के 10.61 अरब डॉलर से अधिक है। इस दौरान भारत का निर्यात 4.02 अरब डॉलर और आयात 7.16 अरब डॉलर रहा। समझौते के तहत भारत को ओमान के बाजार में 98.08 प्रतिशत शुल्क लाइनों पर 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी, जो कुल व्यापार मूल्य के 99.38 प्रतिशत हिस्से को कवर करती है। इससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को नई गति मिलेगी।

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इस डील से किस सेक्टर को होगा फायदा?

विशेष रूप से वस्त्र, कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, रत्न एवं आभूषण, परिवहन उपकरण तथा प्रीसिजन यंत्रों के निर्यात में वृद्धि की संभावना है। इसके अलावा लौह एवं इस्पात, विद्युत मशीनरी, समुद्री उत्पाद, औद्योगिक मशीनरी और तांबा उत्पादों को भी शून्य शुल्क का लाभ मिलेगा।समझौते का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि भारतीय दवाओं और टीकों को ओमान में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जिससे भारतीय फार्मा उद्योग को बड़ा लाभ होने की उम्मीद है। वहीं भारतीय वाहन क्षेत्र के लिए भी यह समझौता फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि वाहनों पर लगने वाला पांच प्रतिशत आयात शुल्क समाप्त हो जाएगा।

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पश्चिम एशिया में भारत हो रहा मजबूत

सेवा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने की संभावना है। भारत का ओमान को सेवाओं का निर्यात 2020 के 39.7 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2024 में 66.5 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। दूरसंचार, सूचना प्रौद्योगिकी, परिवहन और पर्यटन इस क्षेत्र के प्रमुख हिस्से रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत के पश्चिम एशिया क्षेत्र में आर्थिक प्रभाव को मजबूत करेगा, निर्यात बढ़ाएगा और निवेश के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही, यह भारत की वैश्विक व्यापार रणनीति को भी मजबूती प्रदान करेगा।

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