India Oman FTA: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों ओमान दौरे पर है। आज उनकी मुलाकात ओमान के सुल्तान हसीम बिन तारिक अल सईद से हुई। इसके बाद द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान भारत और ओमान ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर ओमान सरकार ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया।
इस एग्रीमेंट में भारत के 99.38% एक्सपोर्ट शामिल हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे को टैरिफ में काफी छूट दी है। भारत ओमान को 77.8% टैरिफ में छूट देगा, जबकि ओमान करीब 98% सामानों पर ड्यूटी में तुरंत कटौती करेगा। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान की मौजूदगी में साइन किया गया। यह समझौता ओमान को भारत के कुल एक्सपोर्ट के 99.38% हिस्से को कवर करता है।
भारत और ओमान के बीच आर्थिक संबंधों में इजाफा
यह समझौता दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ते आर्थिक संबंधों के बीच हुआ है। वित्त वर्ष 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 8.947 अरब डॉलर था। वही वित्त वर् 2025 में यह बढ़कर 10.613 अरब डॉलर हो गया, जबकि निवेश संबंध भी मज़बूत बने हुए हैं। इसमें ओमान में 6,000 से ज़्यादा भारत-ओमान संयुक्त उद्यम काम कर रहे हैं। भारत से ओमान में कुल बाहरी प्रत्यक्ष निवेश 675 मिलियन डॉलर है, जबकि अप्रैल 2000 से मार्च 2025 के बीच ओमान से भारत में FDI इक्विटी प्रवाह कुल 610.08 मिलियन डॉलर रहा।
बता दें कि यूनाइटेड किंगडम के बाद पिछले 6 महीनों में यह दूसरा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है जिस पर भारत ने साइन किए हैं। यह डील अफ्रीका और मध्य एशिया के लिए एंट्री गेट है। इस कदम से अन्य देशों से भी व्यापार करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
भारत-ओमान फ्री ट्रेड से क्या फायदा होगा?
इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे वस्त्र, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, दवाइयां, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार सृजन होगा और कारीगरों, महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के साथ-साथ MSME को मजबूती मिलेगी। भारत ने पिछले कुछ सालों में कई मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनसे किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को लाभ मिल रहा है।
क्या होता है फ्री ट्रेड एग्रीमेंट?
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) या मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के बीच एक समझौता होता है। इसके तहत, देश एक-दूसरे पर लगने वाले आयात शुल्क (Import Duty) को या कम कर देते हैं या हटा देते हैं। टैक्स कम करने के अलावा कोटा, लाइसेंसिंग भी कम की जाती है ताकि व्यापार संबंधी बाधाओं को कम किया जा सके। FTA से नए-नए बाजारों में कंपनियों की पहुंच बढ़ती है।
कारोबार सस्ता होता है, व्यापार बढ़ता है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है। भारत ने पिछले कुछ सालों में कई FTA साइन किए हैं, जिनसे देश के किसानों, व्यापारियों और एक्सपोर्टर्स को फायदा हो रहा है। यूनाइटेड किंगडम (2025)- भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच इसी साल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ, जिसे समग्र आर्थिक और व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement – CETA) कहा गया। इसके तहत ट्रेड किए जाने वाले 90 फीसदी से अधिक सामानों पर टैरिफ कम किया गया, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिला।