IndiGo: हवाई यात्रियों को इन दिनों कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हवाई सफर करने वाले यात्री पिछले कुछ दिनों से फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी की वजह से काफी परेशान दिख रहे हैं। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने आज (3 दिसंबर 2025) 70 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल करने की घोषणा की, जिनमें बेंगलुरु और मुंबई जैसे प्रमुख शहरों की फ्लाइट्स शामिल हैं।
न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इंडिगो क्रू की भारी कमी का सामना कर रही है। कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसे कई उड़ानें रद्द करनी पड़ी। वहीं कई फ्लाइट्स देरी से उड़ान भर रही हैं। कुल मिलाकर इंडिगो को क्रू मेंबर्स की भारी कमी की वजह से ये फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी हैं।
जानिए इंडिगो ने क्या कहा
एयरलाइन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में टेक्नोलॉजी से जुड़ी समस्याएं, एयरपोर्ट पर भीड़भाड़ और ऑपरेशनल संबंधी अन्य आवश्यकताओं सहित कई कारणों से हमारी कई उड़ानों में देरी हुई है और कुछ उड़ानें रद्द हुई हैं।’
क्रू मेंबर्स की कमी से जूझ रही एयरलाइन
रिपोर्ट के मुताबिक, एक सूत्र ने कहा, “फ्लाइड ड्यूटी की समय सीमा (FDTL) मानदंडों का दूसरा चरण लागू होने के बाद से इंडिगो को क्रू मेंबर्स की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण एयरपोर्ट पर उड़ाने रद्द करनी पड़ी और कुछ उड़ानों में काफी देरी हो रही है।” मंगलवार को स्थिति खराब हुई थी और बुधवार को यह स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई।
इंडिगो के ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में आई कमी
सिविल एविएशन मिनिस्ट्री (Civil Aviation Ministry) की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को छह प्रमुख घरेलू हवाई अड्डों से इंडिगो की ऑन-टाइम परफ़ॉर्मेंस गिरकर 35% पर आ गई। वहीं, एयर इंडिया 67.2%, एयर इंडिया एक्सप्रेस 79.5%, स्पाइसजेट 82.50% और अकासा एयर 73.20% समय पर उड़ान भरने में सफल रहीं।
नए उड़ान ड्यूटी समय सीमा मानदंड (एफडीटीएल) के तहत साप्ताहिक विश्राम अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे करना, रात्रिकालीन घंटों का विस्तार करना, और रात्रि लैंडिंग की संख्या को पहले के छह के मुकाबले केवल दो तक सीमित करना शामिल है। शुरुआत में इंडिगो, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया और अन्य घरेलू एयरलाइनों ने इन मानदंडों का विरोध किया गया था। लेकिन बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद डीजीसीए ने इन्हें लागू कर दिया।