IIP: खनन और मैंन्युफैक्चरिंग सेक्टर के मजबूत प्रदर्शन से नवंबर महीने में देश के औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर दो साल के हाई लेवल 6.7 फीसदी पर पहुंच गई है। वहीं पिछले वर्ष इसी महीने में यह वृद्धि 5 प्रतिशत थी। यह जानकारी सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में दी गई है। साल 2025 का नवंबर महीना इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन के लिहाज से बेहतर रहा। मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग प्रोडक्शन में बढ़ोतरी के कारण आंकड़ों में यह तेजी देखने को मिली। इस महीने मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट में 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि माइनिंग प्रोडक्शन में 5.4% की वृद्धि दर्ज की गई।
इससे पहले औद्योगिक उत्पादन का उच्च स्तर नवंबर, 2023 में 11.9 फीसदी दर्ज किया गया था। मानसून खत्म होने के बाद कामकाज तेज हुआ और आयरन ओर जैसे धातु खनिजों का उत्पादन बढ़ने से माइनिंग को फायदा मिला। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अनुमानों के अनुसार बिजली उत्पादन में 1.5 फीसदी की कमी आई। नवंबर 2025 में कुल इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (IIP) 158.0 रहा, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह 148.1 था।
बिजली क्षेत्र में कमजोर प्रदर्शन
नवंबर 2025 में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का उत्पादन सालाना आधार पर 8 फीसदी बढ़ा, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह वृद्धि 5.5 फीसदी थी। इसी तरह खनन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला और इसका उत्पादन नवंबर में 5.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि नवंबर 2024 में यह वृद्धि महज 1.9 फीसदी रही थी। हालांकि बिजली उत्पादन के मोर्चे पर प्रदर्शन कमजोर रहा और नवंबर में इसमें 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में बिजली उत्पादन 4.4 फीसदी बढ़ा था।
मैन्युफैक्चरिंग में ज्यादातर सेक्टर आगे
मैन्युफैक्चरिंग के अंदर 23 में से 20 इंडस्ट्री ग्रुप्स में ग्रोथ दर्ज की गई। सबसे ज्यादा योगदान बेसिक मेटल्स (10.2%), फार्मा प्रोडक्ट्स (10.5%) और मोटर व्हीकल्स (11.9%) का रहा। सरकार के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन गुड्स, इंटरमीडिएट गुड्स और कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स ने कुल IIP ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान दिया। दिसंबर 2025 के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े 28 जनवरी 2026 को जारी किए जाएंगे।
(भाषा की खबर से इनपुट के साथ)