भारत-अमेरिका डील से J&K के किसानों को नुकसान? CM उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता, साथ ही किए कई बड़े ऐलान

India-US Trade Deal: बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चिंता जताई। उन्होंने बागवानी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और सामाजिक योजनाओं पर सरकार का पक्ष रखा और समावेशी विकास का भरोसा दिलाया। 

Priya Shandilya( विद इनपुट्स फ्रॉम वार्ता)
अपडेटेड11 Feb 2026, 08:09 AM IST
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर खतरा: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था पर खतरा: मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह (ANI)

India-US Trade Deal: बजट 2026-27 पर विधानसभा में चल रही चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात रखी। खास तौर पर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के कुछ प्रावधानों को लेकर उन्होंने गहरी चिंता जताई और कहा कि अगर इन्हें जस का तस लागू किया गया, तो इसका सीधा असर कश्मीर की बागवानी आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

सूखे मेवों के आयात पर क्यों है आपत्ति

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अमेरिका से बादाम और अखरोट जैसे सूखे मेवों का शुल्क-मुक्त आयात स्थानीय किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। उनका तर्क था कि कश्मीर की बड़ी आबादी बागवानी पर निर्भर है और ऐसे में आयात में छूट देने से यहां के उत्पाद बाजार में पिछड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा के लिए अखरोट, बादाम और सेब को आयात रियायतों से बाहर रखा जाना चाहिए था।

पूंजीगत निवेश सहायता पर सरकार का पक्ष

बजट की आलोचनाओं का जवाब देते हुए उमर अब्दुल्ला ने राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए दी जा रही विशेष सहायता का बचाव किया। उन्होंने इसे एक जिम्मेदार वित्तीय उपाय बताते हुए कहा कि यह जम्मू-कश्मीर को अगले 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जो भविष्य के विकास के लिए एक बड़ी राहत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बजट का प्राथमिक लक्ष्य समाज के सबसे गरीब और कमजोर तबके की सेवा करना है।

केंद्र पर निर्भरता के आरोपों को किया खारिज

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के इस आरोप को भी नकार दिया कि बजट पूरी तरह केंद्र प्रायोजित योजनाओं पर टिका है। उन्होंने अपनी सरकार की ओर से कई स्वतंत्र पहलों की घोषणा करते हुए कहा कि सरकार बिना किसी केंद्रीय सहायता के अपने बजट से मुफ्त एलपीजी सिलेंडर प्रदान करेगी। जिन बच्चों ने माता-पिता दोनों को या परिवार के एकमात्र कमाने वाले को खो दिया है, उन्हें हर महीने 4,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। महिलाओं के बाद अब दिव्यांग व्यक्तियों को भी सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। आदिवासी और गरीब छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की गई हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार पर फोकस

ग्रामीण इलाकों को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री ने बागवानी क्षेत्र में पहली बार मौसम आधारित फसल बीमा शुरू करने की घोषणा की। रोजगार को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी साल से दिहाड़ी मजदूरों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। कृषि, पशुपालन और मछली पालन को उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया।

युवाओं और पर्यावरण पर ध्यान

उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व खर्च में कमी का मतलब अर्थव्यवस्था का सिकुड़ना नहीं, बल्कि पुराने महंगे ऋणों का भुगतान पूरा होना है। उन्होंने 'मिशन युवा' के माध्यम से युवाओं के सशक्तिकरण और पर्यावरण अनुकूल ई-बस सेवा के विस्तार को अपनी प्राथमिकता बताया। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार समावेशी विकास और पारदर्शिता के साथ विकास का लाभ हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़बिजनेसभारत-अमेरिका डील से J&K के किसानों को नुकसान? CM उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता, साथ ही किए कई बड़े ऐलान
More
बिजनेस न्यूज़बिजनेसभारत-अमेरिका डील से J&K के किसानों को नुकसान? CM उमर अब्दुल्ला ने जताई चिंता, साथ ही किए कई बड़े ऐलान